बच्चों को संस्कारित बनाना जरूरी : स्वामी ओमानंद
मोरना। शुकतीर्थ के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि बच्चे एक अच्छे समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव होते हैं। देश की प्रगति के लिए बच्चों को संस्कारित बनाए जाना जरूरी है।
मेला ग्राउंड में ए टू जेड प्ले स्कूल का उद्घाटन करते हुए स्वामी ओमानंद ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए कार्य करना एक ज्ञानयज्ञ है। ज्ञानयज्ञ सबसे बड़ा यज्ञ है। शिक्षा एक प्राकृतिक संस्कार है। आज ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है, जो मनुष्य का सर्वांगीण विकास करें। शिक्षा एक बाल केंद्रित प्रक्रिया है। शिक्षक का कर्तव्य है कि वह बच्चों में सत्यता, सादगी, ईमानदारी, अहिंसा, परोपकारिता, देशभक्ति, कर्तव्य परायणता, नैतिकता जैसे दिव्य गुण बच्चों के मन मस्तिष्क में विकसित करने के की शिक्षा प्रदान करें। बच्चे राष्ट्र और समाज की अमूल्य धरोहर एवं निधि होते हैं। समारोह की अध्यक्षता शिक्षाविद डॉ. हरपाल सिंह पंवार ने करते हुए कहा कि माता-पिता ही बच्चे के सबसे पहले गुरु होते हैं, जो शिक्षा प्रदान करते हैं। समारोह का संचालन रामकुमार ने किया। समारोह में डायरेक्टर जितेंद्र कुमार, पिंटू अरोरा, प्रधानाचार्या दुर्गेश शर्मा, न्यू आर्य कन्या पब्लिक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रमा राठी, डॉ. बलराम पाल, हवा सिंह, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार, केवी सिंह, पूजा, लवकेश, बबीता पाल, संजीव अरोरा, अरविंद, डॉ. अलका, भावना, सुनीता मनीषा, अंकित, आकाश आदि मौजूद रहे।