मुजफ्फरनगर। मोहल्ला जनकपुरी में ट्रक चोरी के जिस मामले में पुलिस ने फर्जी बताकर एफआर लगा दी, वह ट्रक बरेली में पुलिस ने बरामद कर लिया गया है। पीड़ित अब ट्रक दिलाने की गुहार लगा रहा है। जबकि पुलिस का दावा है कि जांच में मामला पूरी तरह फर्जी पाया गया है। जिसमें ट्रक मालिक के खिलाफ 182 के तहत कार्रवाई भी की गई है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला मल्हूपुरा निवासी मोहसिन ने बताया कि उसका आयशर कैंटर 27 अक्तूबर को मोहल्ला जनकपुरी स्थित 30 फुटा रोड पर फरमान ट्रेडर्स के पास से चोरी हो गया था। उसने इसकी सूचना डायल-100 को दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ट्रक चोरी को फर्जी बताते हुए उसे ही धमकाकर लौट गई। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने छह नवंबर को ट्रक चोरी का मामला दर्ज कर लिया, जिसमें विवेचक ने महज दो दिन में मामले को फर्जी बताकर अंतिम रिपोर्ट लगाकर केस को खत्म कर दिया।
मोहसिन का कहना है कि बृहस्पतिवार को बरेली शहर कोतवाली के हेड मोहर्रिर ने उसे फोन कॉल कर चोरी हुआ ट्रक वाहन चेकिंग में बरामद करने की जानकारी दी। बरेली पुलिस ने उसे वैध कागजात और ट्रक चोरी की एफआईआर कॉपी लेकर आने के लिए कहा है, लेकिन एफआर लगने से ट्रक को सुपुर्दगी में लेने को लेकर तकनीकी समस्या खड़ी हो गई है। मोहसिन ने मामले में आला अफसरों से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
जांच में चोरी का मामला फर्जी मिला था
एसओ सिविल लाइंस समयपाल अत्री ने बताया कि जांच में ट्रक चोरी का मामला पूरी तरह फर्जी पाया गया था। घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आया था कि उक्त ट्रक वहां खड़ा ही नहीं किया गया था। पुलिस ने इस मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। ट्रक मालिक के खिलाफ ही कोर्ट में धारा182 के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।