फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: कलयुगी मां ने नवजात को बेचा, आशा कार्यकर्ता बनी बिचौलिया; पुलिस ने बच्चा बरामद किया

Tue, 27 Jan 2026 08:22 PM IST
तिरहुत ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

मुजफ्फरपुर के पारू में एक कलयुगी मां ने अस्पताल की आशा कार्यकर्ता के साथ मिलकर अपने नवजात बेटे को 1.60 लाख रुपये में बेच दिया। संदेह होने पर परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मां और आशा को हिरासत में लिया और शहर के एक घर से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
विज्ञापन
ये शर्मनाक है, मां ने नवजात को बेचा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कलयुगी मां ने अस्पताल की एक आशा कार्यकर्ता के साथ मिलकर अपने नवजात बेटे का 1.60 लाख रुपये में सौदा कर दिया। मामला पारू थाना क्षेत्र का है। नवजात की बरामदगी के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, पारू प्रखंड के एक गांव की महिला ने प्रसव के कुछ ही घंटों बाद अपने मासूम बेटे को बेच दिया। इस सौदे में अस्पताल की आशा कार्यकर्ता ने बिचौलिया की भूमिका निभाई और शहर में रहने वाले एक परिवार से 1.60 लाख रुपये में सौदा तय कराया। इसमें से 1 लाख रुपये मां को दिए गए, जबकि 60 हजार रुपये आशा कार्यकर्ता ने अपने पास रख लिए।

दोनों ने नवजात को बेचने की बात कबूल की

विज्ञापन

मामला तब खुला जब महिला बिना बच्चे के घर लौटी। उसके ससुर को शक हुआ और उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पारू थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला और आशा कार्यकर्ता दोनों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने नवजात को बेचने की बात कबूल की।

बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया
इसके बाद पुलिस ने शनिवार शाम शहर के एक संभ्रांत परिवार के घर से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने नवजात को सुरक्षित रखने और आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) को सूचना दे दी है। बताया गया कि महिला के पति दिल्ली में मजदूरी करते हैं और उसके पहले से दो बच्चे हैं।

ये भी पढ़ेंBihar: पटना में ‘फेक गोल्ड गैंग’ का पर्दाफाश! नकली बिस्किट दिखाकर महिलाओं को लूटने वाले चार गिरफ्तार

विज्ञापन


मां-बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया था
घटना के संदर्भ में पारू सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी हैदर अयूब ने कहा कि बच्चे का जन्म डॉक्टरों की देखरेख में सुरक्षित कराया गया था और मां-बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया था। अस्पताल से बाहर क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अस्पताल कर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नवजात की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें