बुढ़ाना(मुजफ्फरनगर)। परासौली गांव में असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। गांव में ही स्थित धर्मस्थल के गेट पर सोमवार सुबह खाल-मांस और हड्डियां लटकी मिलीं। फर्श पर उर्दू में लिखी एक किताब और कुछ पन्ने और दीवार पर आपत्तिजनक पंक्तियां लिखी मिलीं। इससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और कई गांवों के लोग मौके पर जा पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सामान हटाने की कोशिश की तो लोगों ने पथराव कर दिया। घंटों हंगामे के बाद किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाया गया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव परासौली स्थित धर्म स्थल पर सोमवार सुबह करीब छह बजे गांव के काला, रोहित व मुन्ना पूजा करने गए थे। वहां का नजारा देखकर तीनों सन्न रह गए। धर्मस्थल के मेन गेट पर पशु की खाल, मांस और हड्डियां बंधी हुई थीं। धर्मस्थल के फर्श पर समुदाय विशेष की किताब और कुछ पन्ने पड़े थे, जबकि सामने की दीवार पर आपत्तिजनक पंक्तियां (बगदादी आया, हजरम मेहंदी रिहा करो, इसलाम कबूल करो या फिर मरो) लिखी हुई थीं। मंदिर के गेट पर माला लटकी मिली। जिसके सिरे पर छोटे मुकुट जैसी एक चमकीली चीज लगी थी, जिस पर उर्दू में कुछ लिखा था। बाद में पुलिस ने बताया कि यह तस्बीह है। तीनों युवकों ने तत्काल इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी, जिस पर बड़ी संख्या में लोग धर्मस्थल पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में आसपास के गांवों से भी सैकड़ों लोग मौके पर जा पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, जिनसे लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने धर्मस्थल से सामान हटाने की कोशिश की तो लोगों ने पथराव कर दिया, जिसकी चपेट में आकर तीन लोग चोटिल भी हो गए। गांव के ही लोगों ने भीड़ को समझा-बुझाकर शांत किया। घंटों हंगामे के बाद आरोपियों की दो दिन के भीतर गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत करते हुए सामान को हटवाया गया। मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम ने पहुंच कर जांच की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश मलिक, प्रधान सतेंद्र सैनी, हबीबपुर प्रधान राजेश सैनी, जोगेंद्र सैनी, राधेश्याम, गोपाल, डॉ बबली, सोनू अग्रवाल, तीरथ सैनी और पप्पू समेत आसपास गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सीओ एसपी शर्मा ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब करने की साजिश के तहत इस करतूत को अंजाम दिया था। धर्मस्थल की सफाई करा दी गई है।