मुजफ्फरनगर। अंबा विहार निवासी अल्पसंख्यक विभाग में बाबू के घर छह नकाबपोश बदमाशों ने परिजनों को बंधक बनाकर डकैती डालकर सनसनी फैला दी। बदमाशों ने दस तोले सोने के जेवर और हजारों की नकदी लूट ली। छोटे बेटे ने किसी तरह घर से निकलकर पड़ोसियों को बदमाशों की जानकारी दी, जिस पर उन्होंने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग कर बदमाशों को खदेड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस को लोगों की खरी-खोटी सुननी पड़ी।
शहर के अंबा विहार निवासी मोहसिन मियां विकास भवन स्थित अल्पसंख्यक विभाग में बाबू हैं। रविवार रात वे पत्नी नूरजहां, बेटे अली जैदी, रहबर, मिनाल व बेटी कशिश के साथ घर में भोजन करने की तैयारी कर रहे थे। उनकी पत्नी नूरजहां रसाईघर में खाना बना रही थी। इसी दौरान मेन गेट से छह नकाबपोश तमंचे और छुरा लेकर घर में घुसे और सबसे पहले नूरजहां को कब्जे में कर लिया। बदमाशों ने उनसे चेन-लॉकेट, कुंडल और कडे़ समेत करीब दस तोले सोने के जेवर उतरवा लिए। इसके बाद बदमाश नूरजहां को लेकर भीतर कमरों में घुसे और पूरे परिवार को एक कमरे में और मिनाल को अलग कमरे में बंद कर दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने मोहसिन मियां के तीनों बेटों रहबर, अली जैदी व मिनाल की तमंचे की बटों से पिटाई भी की। इसके बाद बदमाशों ने अलमारी में रखी 25 हजार की नकदी लूट ली। इसी बीच अलग कमरे में बंद मिनाल ने पिछले दरवाजे से निकलकर दीवार फांदकर पड़ोसी तौसीफ चौधरी में घर पहुंचा और उन्हें घटना की जानकारी दी। इस पर पड़ोसियों ने लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग की, जिस पर बदमाश घर से निकलकर गली नंबर दो से होते हुए पैदल ही फरार हो गए। सूचना पर इंस्पेक्टर चमनसिंह चावड़ा मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें लोगों की खरी-खोटी सुननी पड़ी। लोगों ने क्षेत्र में गश्त नहीं होने और तीन माह के अंतराल में ही चेन लूट समेत कई वारदातें होने की शिकायत की। मोहल्ले में नियमित पुलिस गश्त कराने और बदमाशों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए। इसके बाद घायल तीनों भाइयों को जिला अस्पताल भेजा गया।
नई उम्र के थे बदमाश
मुजफ्फरनगर। वारदात को अंजाम देने वाले सभी छह बदमाश नई उम्र के थे। उनकी बोलचाल भी स्थानीय ही लग रही थी। मोहसिन मियां की पत्नी नूरजहां ने बताया कि सबसे पहले बदमाशों ने उन्हें ही कब्जे में कर जेवर उतरवाए थे। इसके बाद ही उन्होंने अंदर घुसकर बेटी कशिश और फिर पूरे परिवार को गन प्वाइंट पर लेकर कमरे में बंद कर लूटपाट शुरू कर दी।
मिनाल की हिम्मत से बची जान
मुजफ्फरनगर। मोहसिन मियां का छोटा बेटा मिनाल यदि हिम्मत दिखाकर दीवार फांदकर पड़ोसियों को घटना की जानकारी नहीं देता, तो बड़ी वारदात से इंकार नहीं किया जा सकता था। उसकी हिम्मत के कारण ही पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने फायरिंग कर बदमाशों को खदेड़ा।