मुजफ्फरनगर। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि शोषित, वंचित और उपेक्षित समाज के उत्थान को सकारात्मक माहौल बनाएं, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। वैदिक संस्कृति संपूर्ण मानव जाति की मार्गदर्शक है।
सदर ब्लाक के गांव मोलाहेड़ी में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और उन्नति के लिए गरीबों के प्रति सहयोग का भाव रखें। किसी निरीह, गरीब का उत्पीड़न करना पाप है। उपेक्षित, वंचित समाज वैदिक संस्कृति और शिक्षा से अपने बेटे-बेटियों को जोड़े, तभी प्रगति की राह मिलेगी। सत्य, न्याय और सदाचरण से जीवन की गरिमा बढ़ेगी। वेदों की शिक्षा की कमी से अविद्या, अंधविश्वास, पाखंड और नए मत- मतांतरों का जाल फैला है। शुकतीर्थ से आये स्वामी सत्यवेश ने कहा कि युवा सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन को जागरूक बने। कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, महिला अपराध समाप्त होना चाहिए। आचार्य सतीश कुमार ने कहा कि परिवार में साप्ताहिक यज्ञ, हवन अवश्य करें, ताकि बच्चों को संस्कार मिले। पूर्व प्रधानाचार्य संतोष कुमार वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय भावना से बढ़कर कोई देशभक्ति नहीं है। भजनोपदेशक कर्मवीर आर्य, विदुषी सविता आर्य ने प्रेरक भजन सुनाए। महाशय लाल सिंह आर्य, आर्य समाज नई मंडी के प्रधान आनंद पाल सिंह एवं मंत्री आरपी शर्मा , डॉ प्रदीप आर्य, धीर सिंह शास्त्री, मंगत सिंह आर्य, भूपेंद्र कुमार, सतेंद्र आर्य ने विचार रखे। वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ में ग्रामीणों ने आहुतियां दी। यज्ञमान विपिन एवं अर्चना, विकास एवं वर्षा, प्रवीण एवं संगीता रहे। मौके पर दीपक आर्य, शगुन, तुषार, वेदांश, हरीश, काजल आदि का सहयोग रहा।