त्याग और संघर्ष से मिसाल बनीं बेटियां : आर्य
मुजफ्फरनगर। महिला दिवस पर आर्य समाज गांधी कालोनी में गार्गी वैदिक कन्या गुरुकुल कनियान की अधिष्ठात्री निर्मला आर्या, पुरोहित बुजुर्ग नंदिनी आर्या और योग प्रशिक्षिका शरणजीत कौर का सम्मान किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि महिलाओं ने अपने त्याग, संघर्ष, परिश्रम और सेवा से समाज का निर्माण किया है। भारत की नारी का चरित्र, आचरण विश्व का मार्गदर्शक है।
गांधी कालोनी आर्य समाज में महिला दिवस पर वेद मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां दी गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य की ओर से नि:स्वार्थ भाव से शिक्षा, योग और वैदिक संस्कृति के क्षेत्र में समर्पित विदुषी महिलाओं को सम्मान राशि, शाल भेंट की गई। कहा कि नारी के सम्मान से ही राष्ट्र का सम्मान है। माताओं की गौरव गाथा इतिहास में अमर है। भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में महिलाओं का योगदान अमूल्य है। महर्षि दयानंद ने बेटियों को शिक्षा का अधिकार दिया। समाज बेटियों का प्रोत्साहन करें। वेद विदुषी निर्मला आर्या ने कहा कि जिस परिवार में महिला का आदर भाव होगा, वहां सुख, समृद्धि आएगी। बेटियां अबला नहीं, सबला है। शामली जिले के गांव कनियान में उनके कन्या गुरुकुल में गांव की बेटियां संस्कृत, वेदों की शिक्षा ले रही है। गजेंद्र राणा और इंद्रपाल शास्त्री ने महिला अतिथियों का स्वागत किया। संगीता राठी, उषा पटपटिया, नीलम ढींगरा, बबीता, इंदु भल्ला, कांता, राकेश ढींगरा, विजय पाल, महेश भगत, जय सिंह धीमान आदि मौजूद रहे।
सेवाभाव का जीवन समाज का प्रेरक
मुजफ्फरनगर। महिला दिवस पर सम्मानित बुजुर्ग नंदिनी आर्या की उम्र 75 साल हो चुकी है। वह बीते 50 बरस से नित्य यज्ञ से जुड़ी हैं। उन्होंने आर्य समाज मे संचालित दयानंद बाल मंदिर में बिना वेतन के तीन दशक तक प्रधानाचार्य का दायित्व निभाया। पंजाब के रजपुरा की निवासी नंदिनी के पति स्वर्गीय भगवत दत्त आर्य पटवारी रहे। उधर, योग प्रशिक्षिका शरणजीत कौर एमए उत्तीर्ण हैं, जो भारतीय योग संस्थान केंद्र की प्रभारी है। उनके पति सरदार तरण जीत सिंह बैंक की सेवा में है। गुलजारी लाल छाबड़ा की बेटी शरण जीत कौर गांधी कालोनी के लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में सुबह-शाम योग की निशुल्क कक्षा संचालित करती है। आर्य समाज के गजेंद्र राणा ने विदुषी महिलाओं का समाज का प्रेरक गौरव बताया।