कांवड़ियों को सम्मानित किया
मोरना। विकास खंड मोरना के गांव खरपोड़ के शिव मंदिर में 50 वर्षीय गुलबीर भगत व बलजोर हरिद्वार से चलकर 10 घंटे में कांवड़ लाकर शिव मंदिर आ पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि गुलबीर भगत बचपन से लगातार प्रत्येक वर्ष में छह माह बाद हरिद्वार से कांवड़ लाकर गांव के मंदिर में शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ लाने की उमंग देखते ही बनती है। उनकी यह 35वीं कांवड़ है। गुलबीर भगत की आस्था उनको प्रसन्नचित कर मानसिक मजबूती प्रदान करती चली आ रही है। मंगलवार को प्रधान रजनी सिंह, कपिल कुमार, पूर्व प्रधान बाबूराम, सुंदर, हरपाल, मंदिर पुजारी ऋषिनाथ पुजारी, मोजवीर सिंह नागर, शरणपाल सिंह, निशांत आदि ने दोनों कांवड़ियों को माला पहनाकर सम्मानित किया।
प्रशासनिक व्यवस्था नाकाम
छपार। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की बढ़ती तादाद के आगे प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। दरअसल, जिला प्रशासन ने कांवड़िय़ों की सुरक्षा के लिए हाइवे का एक तरफ का मार्ग शिवभक्तों के लिए और दूसरी तरफ का मार्ग वाहनों के लिए निर्धारित किया हुआ था। सोमवार तक तो उक्त व्यवस्था बदस्तूर चलती रही, लेकिन सोमवार शाम से कांवड़ियों की बढ़ती तादाद के चलते एक तरफ की सड़क कम पड़ गई, जिसके चलते कांवड़िये वाहन के लिए निर्धारित मार्ग पर भी चलने लगे। पुलिस ने व्यवस्था बनाने का प्रयास किया, लेकिन बढ़ती कांवड़ियों की संख्या के आगे उनकी एक न चली। इसके चलते अब पुलिस हादसों को टालने के लिए हाइवे पर दूसरी तरफ भी वाहनों को नियंत्रित करने की कवायद में जुट गई है।
कांवड़ियों को फलाहार वितरित किया
छपार। हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन के बैनरतले जमीयत उलमा ए हिंद के पदाधिकारियों द्वारा कांवड़िय़ों को फलाहार वितरित किया गया।
जमीयत सचिव मौलाना मोहसिन के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़िय़ों को फल वितरित किए। एसएचओ इंस्पेक्टर सुभाष राठौर, प्रधान जाकिर त्यागी, नसीम त्यागी, मौलाना अफजाल, इकराम, कारी मेहराजुद्दीन, नादिर त्यागी, बुंदू व इब्राहिम त्यागी मौजूद रहे।