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गंगाजल के नमूने लेकर जांच करेंगे अफसर

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मुजफ्फरनगर।
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माघ मेले के लिए शुक्रताल क्षेत्र में अफसर गंगाजल की जांच-पड़ताल करेंगे। प्रदूषण बोर्ड के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की टीम जल का नमूना भरेगी और लैब में जांच होगी। जांच में गंगाजल में मौजूद विषैले तत्वों की रिपोर्ट बनेगी। यह इसलिए होगा कि मेले के दौरान कई स्नान पर्व पड़ रहे हैं, जिसमें साधु-संतों के साथ श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर मन्नत मांगते हैं। प्रदूषण के कारण गंगा मैली हो रही है। इस बार स्नान से पहले गंगाजल में प्रदूषण पर रोक लगाई जाएगी।
इलाहाबाद में यमुना के पावन तट पर त्याग, तपस्या व वैराग्य का प्रतीक माघ मेला लगेगा, जिसकी तैयारियों के लिए शासन ने जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। माघ मेले का पहला स्नान दो जनवरी को पड़ेगा। इस दिन से ही साधु-संतों के साथ श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर मन्नतें मांगते हैं। बीते कई सालों से स्नान के दौरान साधु-संतों ने गंगा के पानी में प्रदूषण का मुद्दा उठाने के साथ नाराजगी जताई है। इस पर योगी सरकार ने गंगाजल में प्रदूषण पर रोक लगाने का मसौदा तैयार किया है। इसके लिए हरिद्वार से इलाहाबाद तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रशासनिक अधिकारी गंगाजल की जांच-पड़ताल करेंगे। जनपद में शुक्रताल क्षेत्र में गंगा नदी आती है। ऐेसे पर्वों पर यहां गंगा स्नान मुख्य होते हैं। हालांकि यहां गंगा जल प्रदूषित होने के कारण श्रद्धालुओं में रोष देखने को मिलता है, जबकि यहां से प्रदूषण के साथ जल मुख्य गंगा में जाकर मिलता है, जो इलाहाबाद में यमुना तक जाता है। इस बार गंगा स्नान को स्वच्छ जल में कराने की तैयारियां हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और प्रशासन के साथ मिलकर जांच-पड़ताल करेंगे। आरओ विवेक राव ने बताया कि शासन ने गंगाजल के साथ इंडस्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित जल की जांच-पड़ताल करने के आदेश दिए हैं। इलाहाबाद के माघ मेले के मद्देनजर गंगा में छोड़े जाने वाले की जल क ीजांच होगी। प्रदूषित जल छोडऩे वाले फैक्ट्री, कारकों पर रोक लगाई जाएगी।
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इंडस्ट्रियों पर भी रहेगी पैनी नजर
मुजफ्फरनगर। गंगाजल के साथ ही प्रदूषण-नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रवार पड़ने वाले एसडीएम, तहसीलदार या अन्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ मिलकर इंडस्ट्रियों में जल प्रदूषण की जांच करेंगे। यह जांच साप्ताहिक रूप से होगी। सघन निरीक्षण में इंडस्ट्रियों में ईटीपी प्लांट के साथ छोड़े जा रहे जल में केमिकल, कलर के साथ प्रदूषण कणों की जांच होगी। जांच में संदेह मिलने पर तत्काल फैक्ट्री में उत्पादन तक रोका जा सकता है।
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घरेलू जल के सीवर जांच के रडार पर
मुजफ्फरनगर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इंडस्ट्रियों पर प्रदूषण छोड़े जाने पर रोक लगाई जा सकती है। मगर, बड़ी संख्या में घरेलू रूप से छोड़े जाने वाले जल में भी खतरनाक बैक्टीरिया, प्रदूषण बहता है, जो गंगा नदी, हिंडन, काली वेस्ट में जाकर मिलता है। इसकी जांच के लिए नगर पालिका, पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है।
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