मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन ने जिले में 77 पैथोलॉजी लैब को अवैध बताकर लाइसेंस निरस्त करने का विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि एमबीबीएस डॉक्टर के साथ भी लैब चलाई जा सकती है।
अंसारी रोड पर एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष राहिब आलम त्यागी ने कहा कि पिछले दो तीन दिनों से मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा मीडिया के माध्यम से जनपद में पैथोलॉजी लैब को अवैध बताते हुए कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में 77 पैथोलॉजी लैब को नोटिस जारी कर उनको अवैध बताया गया है, जो कि गलत है और पूर्णत: निराधार है। 12 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक निर्णय सुनाया था, जिसमें सिर्फ एमडी पैथ को ही पैथोलॉजी लैब रिकार्ड को काउंटर साइन के लिए अधिकृत किया गया।
इसके विरोध में पुनर्विचार के लिए कोर्ट ने 10 मई 2018 को रिविजन पीटिशन स्वीकार कर ली है, जो कि विचाराधीन है। इसी आदेश का हवाला देकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने 77 लैब को नोटिस दिए गए हैं, जो एमबीबीएस के साथ लैब चला रहे हैं और नियम विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
जबकि एमडी पैथ अपनी लैब का संचालन करते हुए नियमानुसार लैब टेक्नीशियन स्टाफ नहीं रखते हैं। उनकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 21 मई 2018 को केंद्र सरकार ने गजट जारी किया है, जिसमें पैथ लैब चलाने के लिए रिपोर्ट काउंटर साइन के लिए एमबीबीएस को स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि वो इस गजट का पालन कराने के लिए सीएमओ से मिलेंगे और कार्यवाही को वापस लिए जाने की मांग की जाएगी। इस मौके पर अवधेश कौशिक, सदाकत अली, नरेश बजाज, शाहनवाज, यूनुस खान, केके शर्मा, टीए गौड, प्रशांत शर्मा, सलीम अंसारी, अजय कुमार, अब्दुल हक, साजिद, मोहित गोयल, फिरोज अली, शिवकुमार रहे।