मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव में अफसर बोलेरो और सिपाही टाटा मैजिक कार से चलेंगे। अफसर, कर्मचारियों के साथ पुलिस को एआरटीओ वाहन अधिग्रहण कर देंगे। एआरटीओ को करीब 292 वाहन प्रशासन को चुनाव के लिए देने हैं। शुक्रवार तक अधिकांश वाहन एकत्र कर लिए गए, जबकि प्रशासनिक अफसरों के लिए छोटे वाहनों की तलाश जारी है।
जिले की दो पालिका और आठ नगर पंचायतों में 26 नवंबर को मतदान किया जाएगा। इसके लिए पोलिंग पार्टियों को बूथ पर भेजने और लाने के लिए छोटे-बड़े वाहनों की जरूरत होगी। वहीं, सेक्टर मजिस्ट्रेट, अफसरों के लिए भी छोटे वाहन चाहिए। इनकी पूर्ति करने के लिए एआरटीओ विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। जिसके चलते बीते तीन दिनों से एआरटीओ वाहनों को अधिग्रहित करने में लगे हैं। दिलचस्प यह है कि अफसरों और सीनियर अधिकारियों के लिए बोलेरो, स्कार्पियों सरीखी 44 गाड़ी ली जा रही हैं। जबकि पुलिस अफसरों के लिए भी 85 बोलेरो, टाटा मैजिक अधिग्रहण की जा रही है। पोलिंग पार्टियों के लिए 122 मिनी बसें, 9 मिनी ट्रक, चुनाव कर्मचारियों के लिए 32 मिनी रखी जाएंगी। इन सबके लिए एआरटीओ ने शुक्रवार को वाहन स्वामियों को सूचना भेजकर वाहन मंगवाए गए हैं। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने बताया कि चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन उठाएगा खर्च
मुजफ्फरनगर। नगर निकाय चुनाव में अधिग्रहण किए गए वाहनों का खर्च पुलिस और प्रशासन मिलकर उठाएंगे। दैनिक भत्ता के साथ डीजल अधिकारी वहन करेंगे। पुलिस लाइन में आने वाले वाहनों का खर्च पुलिस, पोलिंग पार्टियां, सेक्टर मजिस्ट्रेट, कर्मचारी के वाहनों का खर्च प्रशासन देगा।
इस प्रकार है वाहनों का खर्च
- मिनी बस---1400 रुपये प्रतिदिन साथ में डीजल
- मिनी ट्रक---1400 रुपये प्रतिदिन साथ में डीजल
- बोलेरा कार--850 रुपये प्रतिदिन साथ में डीजल
- टाटा मैजिक--750 रुपये प्रतिदिन साथ में डीजल