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रक्षा बंधन पर विशेष:

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रक्षाबंधन के दिन ही भाई ने बहन को दी थी नई जिंदगी
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मंसूरपुर। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन पर किए गए वादे को पूरा करते हुए दूधाहेड़ी के सुनित चौधरी ने छोटी बहन को अपना लीवर देकर उसको नई जिंदगी दी थी। उसने रक्षा बंधन के दिन ही यह नेक कार्य किया। बीते दो साल से दोनों स्वस्थ है। भाई-बहन के इस प्रेम से ग्रामीण भी अभिभूत है।
दूधाहेड़ी निवासी सुनित चौधरी ने पिता कृष्णपाल की मौत के परिवार की जिम्मेदारी संभाल कर हर फर्ज पूरा किया। छोटी बहन मधु बीमार रहती थी। वर्ष 2016 को जांच कराई तो पता चला कि उसका मधु का लीवर 85 प्रतिशत खराब हो चुका है। चिकित्सकों ने कहा कि मधु का लीवर ट्रांसप्लांट करना होगा, तभी इसका इसका जीवन बचेगा। परिवार और ससुराल वालों में मायूसी छा गई। मधु के दो छोटे बच्चों और बहन के जीवन को देखते हुए बड़ा भाई सुनित अपना लीवर देने के लिए तैयार हो गया। परिवार के सभी लोगों ने इस पर सहमति जताई। इसके बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों ने सुनित का आधा लीवर उसकी बहन मधु को ट्रांसप्लांट किया। जब उसने लीवर डोनेट किया तो उस दिन भी राखी का पर्व था। मधु के पति प्रवीण प्रताप पूसा दिल्ली में इंजीनियर है तथा मधु दिल्ली में ही रहती है। सुनित गांव में खेती करता है। वर्तमान में दोनों भाई-बहन अच्छे स्वास्थ्य के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।
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कलक्टर भाई ने बहन को बनाया आईपीएस
मंसूरपुर। कस्बा ऊन निवासी आईएएस शेखर ने अपनी छोटी बहन आंचल को आईपीएस बनने के लिए प्रेरित किया। शनिवार को परिवार समेत शेखर बहन को आईपीएस की ट्रेनिंग लेने के लिए मंसूरी छोड़ने गया। इस दौरान खानूपुर गांव में रिश्तेदार सहदेव सिंह आर्य के यहां ग्रामीणों ने दोनों भाई-बहन का स्वागत किया।
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शामली के कसबा ऊन निवासी चंद्रहास का पुत्र शेखर 2012 में सिविल सर्विस में सेलेक्शन हुआ था। वर्तमान में वह महाराष्ट्र के गढ़ी चिरौली जिले में कलेक्टर के पद पर तैनात है। उसकी छोटी बहन आंचल ने बताया कि भाई शेखर मुझे प्रारंभ से ही सिविल सर्विस के लिए प्रेरित करता रहा है। मेरा सेलेक्शन रेलवे विभाग में हो गया था। हालांकि मैं फिर भी सिविल सर्विस की तैयारी कर रही थी। 2018 में आए सिविल सर्विस के परिणाम में मेरी 136 वी रैंक आई और आईपीएस बनी। इसका श्रेय भाई शेखर तथा पिता को देती हूं, जिन्होंने मुझे हर कदम पर प्रोत्साहित किया। आंचल का कहना है कि सिविल सेवा में रहकर में महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करूंगी। स्वागत करने वालों में सहदेव आर्य, निमित्त कुमार, हरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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