वहलना क्षेत्र की लोहा फैक्ट्री में हो चुका है धमाका
मुजफ्फरनगर। कबाड़ का धंधा करने वाले लोगों की लापरवाही के चलते जिले में इससे पहले भी कई बार कबाड़ में निष्प्रयोज्य बम व मिसाइलें तक आ चुकी हैं। कबाड़ की वजह से एक बार वहलना क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो चुका है, जिसमें बम गलने की प्रक्रिया के दौरान भट्ठी फटने से कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए बाहर से सैन्य कबाड़ मंगाने के धंधे पर ब्रेक लगा दिया था, जिसके बाद कई साल के अरसे में इस तरह के कबाड़ से शहर में हादसा हुआ है।
कबाड़ के धंधे में अधिकतर निरक्षर या अल्प शिक्षित लोग जुड़े हुए हैं, जो जरा से लालच की खातिर अपने ही दूसरों की जान से भी खिलवाड़ कर बैठते हैं। कबाड़ में पहुंचने वाले घातक हथियार मिलने का यह धंधा पहले धड़ल्ले से चलता था। दरअसल, करीब सात-आठ साल पूर्व तक कबाड़ के धंधे से जुड़े लोग मोटे मुनाफे के लालच में खाड़ी देशों से सैन्य कबाड़ का आयात कर लेते थे, जिसे कंटेनरों के माध्यम से छोटे-बड़े शहरों में लोहे की फैक्ट्रियों तक सीधे भेज दिया जाता था। इस कबाड़ में बड़े पैमाने पर खाड़ी देशों में इस्तेमाल किए जा चुके निष्प्रयोज्य बम, यहां तक कि मिसाइलें भी शामिल होती थीं, जिन्हें फैक्ट्री मालिक भी औने-पौने दामों में खरीदकर सीधे भट्ठी में गलाकर लोहा बना लेते थे। मोटे मुनाफे का यह धंधा काफी समय तक जारी रहा, लेकिन इसी समयावधि में वहलना क्षेत्र की एक फैक्ट्री की भट्ठी में ऐसे ही बम या मिसाइल से हुए भीषण विस्फोट में कई श्रमिकों को जान गंवानी पड़ी थी। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए इस कबाड़ को यहां लाने पर रोक लगा दी, जिसके बाद इस धंधे पर ब्रेक लग गए थे। इसके बाद यह पहला मौका है जब कबाड़ की दुकान पर विस्फोटक तोड़ते हुए धमाका हुआ, जिसमें चार लोगों की जान चली गई।