मुजफ्फरनगर। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि जब भी जीवन में कोई तनाव परेशानी, गड़बड़ी, कठिनाई, आफत या निराशा, विषाद की स्थिति होती है, तब गीता को अपना सहारा बनाकर देखो। जीवन की समस्त समस्याओं का निदान हो जाएगा।
महावीर चौक स्थित एक बैंक्वेट हाल में चल रहे गीता सत्संग में स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि हमें भोजन शरीर देशकाल वातावरण के अनुकूल ग्रहण करना चाहिए। भजन सदा सर्वता करते रहना चाहिए। अर्जुन की अनन्य भक्ति के कारण ही भगवान कृष्ण का एक नाम पार्थ सारथी भी पड़ गया। महाभारत से पहले दुर्योधन और अर्जुन दोनों सहयोग मांगने श्रीकृष्ण के पास जाते हैं। दुर्योधन उनकी सेना पक्ष में लडऩे के लिए मांग लेते हैं और अर्जुन कहते हैं कि मुझे केवल आप चाहिए। उसका विवेक जानता था कि सर्वेश्वर परमात्मा उसके साथ खड़े होंगे तो उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। जीओ गीता श्री कृष्ण कृपा परिवार की ओर से आयोजित गीता सत्संग में हनुमतधाम शुकतीर्थ के पीठाधीश्वर केशवानंद जी महाराज ने दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में भीमसेन कंसल, मनोहर लाल कालरा, सुरेंद्र अग्रवाल, देवेंद्र कुमार, मीरा अग्रवाल, अतुल गर्ग, अमरकांत, शिवचरण गर्ग, संजीव, सुभाष, प्रेमप्रकाश अरोरा, महेंद्र गोयल, अर्जुन जोशी, आरती, प्रदीप शर्मा आदि का सहयोग रहा।