एंबुलेंस में डिलीवरी, नवजात की मौत
मोरना। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना की एंबुलेंस में ही प्रसव पीड़ित महिला ने शिशु को जन्म दिया और कुछ ही देर में उसने ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।
भोपा क्षेत्र के गांव रुडक़ली तालाब अली निवासी अकरम ने बताया कि रविवार रात 9.30 बजे उसकी पत्नी महराना को प्रसव पीड़ा हुई। उसने रात में ही 102 एंबुलेंस को कॉल की। एंबुलेंस से महराना को मोरना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया। हालत बिगड़ती देख महिला चिकित्सक ने महराना को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल में खड़ी तीनों सरकारी एंबुलेंस के स्टाफ ने प्रसव पीड़ित महिला को ले जाने से इंकार कर दिया। बार-बार सूचना देने के बाद 45 मिनट देर से पहुंची एंबुलेंस के चालक ने उल्टे मरीज के परिजनों को धमकाया कि जब तीन एंबुलेंस अस्पताल में मौजूद हैं तो वे उसे कॉल क्यों कर रहे हैं। आनाकानी करते हुए प्रसव के दर्द से तड़प रही महिला को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय ले जाया जा रहा था। जैसे ही एंबुलेंस गांव रहकड़ा के पास पहुंची, तभी महिला ने एंबुलेंस में ही शिशु को जन्म दे दिया। तेज ठंड और प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के कारण कुछ ही देर में नवजात ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। नवजात की मौत की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने रात में ही अस्पताल पर हंगामा कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने एंबुलेंस स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा करने वालों में शकील अहमद, इंतजार, साजिद, आस मौहम्मद, मुकर्रम, महमूद, उम्मैद, तालिब, आसिफ, फरमान, साकिब, शाहिद, जीशान, सुक्का, कुदरत अली, शहजान, नसीम आदि उपस्थित रहे।