बैंडबाजों के साथ निकली शालिग्राम की बारात
मुजफ्फरनगर। नईमंडी के सिद्घ पीठ गणपति धाम मंदिर में कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी शालिग्राम विवाह का भव्य आयोजन किया गया। उद्यमी समाजसेवी भीमसेन कंसल ने तुलसी के अभिभावक के तौर पर विवाह में भाग लिया। भारी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर मौजूद रहे।
तुलसी शालिग्राम विवाह समारोह में भरतिया कालोनी स्थित शिवमंदिर से पंडित कृष्णानंद शास्त्री के सानिध्य में शालिग्राम जी की बारात बैंडबाजों के साथ गणपति धाम मंदिर पहुंची। यहां पर पहले से ही भव्य मंडप सजाकर तुलसी के पेड़ को लाल चुनरी ओढ़ाकर सजाया गया था। बारात का उसी तरह से गणपति धाम मंदिर पर स्वागत किया गया, जिस तरह से वर पक्ष के कन्या पक्ष के मंडप में पहुंचने पर स्वागत होता है। इसके बाद पंडित कृष्णानंद शास्त्री ने विवाह की पूरी रस्म विधि-विधान व मंत्रोच्चार से संपन्न कराई। तुलसी और शालिग्राम जी को गोद में लेकर श्रद्धालुओं ने फेरे भी कराए। इसके बाद देवोत्थान एकादशी पर फलहार कराया गया। तुलसी विवाह में वह सभी वस्तुएं साड़ियां, श्रृंगार का सामान, गहने, गृहस्थी में काम आने वाला सामान श्रद्धालुओं ने दिया, जो कन्या को दहेज में दिया जाता है। इस अवसर पर पूरे कार्तिक माह में भोरकाल में मंदिर आकर भजन कीर्तन और पूजा-अर्चना करने वाली सौ से अधिक महिलाओं ने मांगलिक गीत गाते हुए नृत्य किया। धार्मिक आयोजन में समाजसेवी भीमसेन कंसल, मंदिर समिति प्रधान अशोक गर्ग, मंत्री अनिल गोयल, जेपी गोयल, योगेेश गोयल, हरिओम आदि मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर। पुलिस लाइंस के मंदिर में देवोत्थान एकादशी का पर्व मनाया गया। इस दौरान तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराया गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए। पूजा अर्चना की। बाद में भंडारा कर प्रसाद वितरण किया गया। कार्तिक स्नान करने वाली श्रद्धालु महिलाओं ने धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान रीटा चौधरी, पूनम, गीता, शशि, ममता, राधा, ज्योति, भूमिका आदि मुख्य रूप से मौजूद रहीं।