विश्व कल्याण के लिए होता है यज्ञ
मोरना (मुजफ्फरनगर)। नव ग्रह शनिधाम शुक्रताल में सात दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सवा करोड़ मंत्रों का जाप होगा। इस मौके पर पंचायत अखाड़ा महानिर्वाणी के महंतों ने ध्वजारोहण किया। वहीं, साधु व संतों को भंडारे को प्रसाद खिलाकर दान दक्षिणा भी दी गई। महायज्ञ का समापन चार नवंबर को होगा।
शुक्रताल स्थित प्राचीन नव ग्रह शनिधाम के प्रांगण में पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के तत्वावधान में सात दिवसीय महायज्ञ के चौथे दिन अखाड़े केे पूर्व सचिव महंत गंगापुरी महाराज के सानिध्य में अखाड़े का ध्वजारोहण किया। विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय साधु समाज हरियाणा के महंत बंशी महाराज ने कहा कि कार्तिक गंगा मास के उपलक्ष्य में महाविष्णु यज्ञ का आयोजन किया गया है। दशमी से पूर्णमासी तक स्नान दान, दीपदान, अनुष्ठान यज्ञ आदि करने का विशेष महत्व है। जो लोग इस मास में भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उन्हें धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है। यज्ञ विश्व कल्याण की भलाई संपूर्ण समाज में सद्भाव के लिए किया जाता है। इस दौरान स्वामी उत्तम गिरि महाराज, पुरुषोत्तम गिरि महाराज, स्वामी महेश पुरी महाराज, स्वामी ओमपुरी महाराज, आचार्य उत्प्रेती आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला में आयोजित महायज्ञ में वैदिक मंत्रोचारण के बीच आहुति देकर पुण्य कमाया।