मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के गांव जीवना में रहस्यमयी बुखार को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। गांव में हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य महकमा में भी हड़कंप मचा है। विभाग ने आननफानन में गांव में चिकित्सकों को तैनात किया है। गांव के 150 लोगों के ब्लड की जांच की गई है। जिनमें से 137 की ब्लड स्लाइड को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल अधिकारी एक महिला की बुखार और निमोनिया से मौत मान रहे हैं।
जीवना में विगत एक माह से बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के हर घर में बुखार से लोग पीड़ित हैं। अधिकांश ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक रहस्यमयी बुखार की जकड़ में है। ग्राम प्रधान शोबीर, ग्रामीण मोहित, योगेंद्र, भूषण आदि ने बताया कि तेज बुखार के साथ ही मरीज की प्लेटलेट्स लगातार गिरती जाती हैं। जिस कारण मरीज की मौत हो जाती है। जीवना में महामारी फैलने की खबर से स्वस्थ्य विभाग के भी हाथ-पांव फूल गए। गांव में एसीएमओ डॉ वीके सिंह के नेतृत्व में शाहपुर और पुरबालियान से चिकित्सकों की टीम भेजी गई। टीम ने ग्रामीणों और पीड़ितों से वार्ता कर चेकअप किया। इस दौरान चिकित्सकों ने करीब 200 से अधिक लोगों की जांच की और 150 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। जिनकी प्राथमिक रूप से लैब में जांच की गई। जांच में एक भी ब्लड में मलेरिया, डेंगू आदि की पुष्टि नहीं हुई है।
विभाग ने अन्य जांच के 137 लोगों के ब्लड सैंपल को मेरठ मेडिकल भेजा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि जीवना गांव में जांच कराई गई है। वहां केवल एक महिला की बुखार और निमोनिया होने के कारण मौत हुई है। अन्य दो व्यक्तियों को शुगर और किड़नी फैल होने के कारण मौत हुई है। गांव में बुखार का कोई प्रकोप नहीं है, फिर भी जांच कराई जा रही है।
इनकी हुई है मौत
गांव जीवना में ग्रामीण रामधन (86) की शुगर और लीवर की बीमारी के चलते मृत्यु हुई है, जबकि महिला शिवमती (55) की मौत का कारण बुखार और निमोनिया निकला है। वही ग्रामीण साबिर अली (54) की मृत्यु किडनी फैल होने चलते हुई है। सीएमओ ने बताया कि ग्राम प्रधान शोबीर ने भी तीन मौत होने की जानकारी दी है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
मुजफ्फरनगर। गांव जीवना के ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बुखार को प्रकोप फैल रहा है। जिसकी चपेट में आकर एक माह में 10 मौत हो गई हैं। बुखार से अब तक संतोष, महेंद्री, किशनदेई, बोहती, सुक्की, मामचंद, राजपाल, रामधन, साबिर अली तथा रामचंद्र की पत्नी की मौत हो चुकी है। जबकि शंकर, मोनू, विपुल, बिजेंद्र, भारत, ललिता, विरेश, सोमपाल, हिमांशु, रेशू, चांदवीर आदि ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं।
फॉगिंग और दवाइयां बांटी
स्वास्थ्य विभाग ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ बुधवार से फॉगिंग कार्य भी शुरू किया है। साथ ही गांव में बुखार से निपटने को पैरासिटामोल और एन्टी बायोटिक दवाइयां बांटी गई हैं।