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किसान क्रांति यात्रा में पिटे किसानों के अभी तक नहीं भरे जख्म

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क्रांति यात्रा में पिटे किसानों के जख्म अभी तक भरे नहीं
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। किसान क्रांति यात्रा में दिल्ली बॉर्डर पर दो अक्तूबर को लाठीचार्ज में पिटे किसानों के अभी तक जख्म भरे नहीं हैं। तीन अक्तूबर को दिल्ली से लौटा किसान उसी दिन से चारपाई पर पड़ा है। पुलिस की लाठियों की मार से किसान के पैर की हड्डी टूट चुकी है। अपने पैरों से चलने को लाचार किसान अपनी खेतीबाड़ी भी नहीं कर पा रहा है। भाकियू ब्लाक अध्यक्ष बिटटू ठाकुर किसान का इलाज करवा रहे हैं। इसी तरह से क्षेत्र के कई किसान भी लाठीचार्ज में घायल हो गए थे। ये किसान चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं।
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जानसठ के गांव मकसूदाबाद निवासी अरविंद गांव निवासी भाकियू ब्लाक अध्यक्ष बिटटू ठाकुर के साथ कई किसानों के साथ किसान क्रांति यात्रा में दिल्ली गया। किसान अरविंद ने बताया कि दो अक्तूबर को दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर किसान घाट जाते समय दिल्ली पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया था। पुलिसकर्मियों ने उसके पैरों पर लाठियां बरसा दी। वह घायल होकर सड़क पर गिर गया था। पुलिस से बचने के लिए वह सड़क पर घायल अवस्था में काफी दूर तक नीचे पड़े हुए ही रेंगता चल गया। बिटटू ठाकुर बताते हैं कि उसने घायल अवस्था में अरविंद को अपने कंधों पर उठाया और काफी दूर तक भागा, तब कहीं जाकर पुलिस से अरविंद की जान बचाई। तीन अक्तूबर को दिल्ली से लौटने के बाद चिकित्सक को दिखाया गया, तो चिकित्सक ने बताया लाठियों की मार से अरविंद के पैर की हड्डी टूट गई है। चिकित्सक ने पैर पर प्लास्टर किया और घर में चारपाई पर एक माह तक आराम करने की सलाह दी है। किसान अरविंद ने बताया कि तीन अक्तूबर से ही वह चारपाई पर पड़ा हुआ है। खेतीबाड़ी करने के लिए वह अपने खेतों तक में नहीं जा सकता है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
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