मुजफ्फरनगर। शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। इसके बाद धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षामित्रों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देने का एलान किया है। वहीं, शिक्षामित्रों के स्कूलों के बहिष्कार से शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। विभाग किसी तरह से व्यवस्था बनाने के प्रयास में लगा है।
सुप्रीम कोर्ट से समायोजन रद होने के बाद शिक्षामित्र अपने मूल पदों पर चले गए हैं। अब प्रदेश सरकार ने इनके वेतन को प्रति माह दस हजार रुपये किया है। जिसको लेकर शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। कहा कि उन्हें भी अन्य शिक्षकों के समान की वेतन दिया जाए। गुस्साए शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर कामकाज ठप कर दिया। शिक्षामित्रों के धरने के कारण कर्मचारी भी विभाग छोड़कर गायब हो गए। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुजीबुर्रहमान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पैरा-14 में शिक्षामित्र शब्द जोड़कर टीईटी की छूट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब प्रदेश सरकार वादे से मुकर रही है। कैबिनेट के फैसले को वापस लेने की मांग की गई।
इस दौरान शिक्षामित्रों ने निर्णय लिया कि जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर अपना हक मांगा जाएगा। इस दौरान इंद्रपाल सिंह, ब्रजपाल सिंह, अक्षय चौहान, पंजाब सिंह, अनिल ठाकुर, सोनू, विजय पाल, सुमन, गौहर खातून, रमा शर्मा, शालिंदी, अंजलि, कुलबीर राणा, विभूति कौशिक, शालू, गीतारानी, अनीता धीमान, दीपिका, संगीता चौधरी, लवकुश ठाकुर, विनोद, कुलदीप राणा आदि मौजूद रहे।