टिकट ऑनलाइन था तो मिलेंगे दस लाख
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस के डिरेलमेंट होने के बाद काफी संख्या में जान-माल की हानि हुई है। 22 जिंदगियों का उत्कल में सफर अंतिम साबित हुआ, जबकि 98 यात्री अभी भी जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार ने मृतकों, घायलों को मुआवजा बांटना शुरू कर दिया है। रेल मंत्रालय की बीमा योजना से मृतकों के परिजनों और गंभीर रूप से घायलों को बीमा राशि मिलेगी। यह लाभ उन्हीं यात्रियों के हिस्से में आएगा, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराए थे। रेलवे बोर्ड ने रिकार्ड की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
मोदी सरकार ने रेल हादसों में मृतकों और गंभीर रूप से घायलों के लिए गत वर्ष एक सितंबर से नई बीमा योजना लागू की थी। योजना के अंतर्गत मृतकों के लिए दस लाख तक का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। खतौली उत्कल हादसे में किलोमीटर संख्या 101/103 व 104 पर काल का शिकार हुई ट्रेन में 22 यात्रियों की जानें गईं और सैकड़ों लोग घायल हैं। मृतकों और घायलों के नाम-पते रेलवे ने अपने रिकार्ड में दर्ज कर लिए हैं। पुरी से हरिद्वार जाने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में 700 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे। पुरी से हरिद्वार तक ट्रेन 23 डिब्बे लेकर चलती है, जिनमें फर्स्ट एसी का एक, थर्ड एसी के चार और स्लीपर के एस वन से 12 तक डिब्बे, जबकि तीन कोच जनरल के लगे हैं। 2361 किलोमीटर तक दौड़ने वाली इस ट्रेन में लंबी दूरी के यात्री, जिन्हें जंक्शनों, महानगरों या हरिद्वार, रुड़की तक सफर करना है, वह अधिकांश रिजर्वेशन के यात्री होते हैं। खास यह है कि अब आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे क्रेटिंग टूरिज्म कार्पोरेशन) से ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर प्रतियात्री से 95 पैसे अधिक लिए जाते हैं, जिसके बदले में रेलवे बोर्ड यात्री को बीमा मुहैय्या कराता है। ऑनलान टिकट बुकिंग में साफ है कि यात्रा करते वक्त हादसा होने या मौत होने पर बीमा दिया जाएगा। मौत होने पर परिजनों को 10 लाख, हमेशा के लिए शरीर से दिव्यांग होने पर भी 10 लाख, शरीर का कोई अंग क्षतिग्रस्त होने पर 7.5 लाख रुपये के साथ मृतक या घायल को उसके घर तक पहुंचाने के लिए रेलवे 10 हजार रुपये तक देगा। अन्य गंभीर घायल के इलाज के लिए भी दो लाख रुपये तक दिए जाने की योजना है। रेलवे बोर्ड ने घायलों और मृतकों के आधार कार्ड रिकार्ड के लिए मांग लिए हैं। उधर, रेलवे ने घायलों और उनके गंतव्य तक जाने के लिए अपने स्तर से मुफ्त यात्रा पास जारी कर दिए हैं। उनके रिजर्वेशन का रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।
सोमवार को बनाए गए 20 पास
मुजफ्फरनगर। रेलवे बोर्ड के आदेश पर रेलवे स्टेशन से सोमवार को 20 लोगों को पास जारी किए गए। जिनमें अधिकांश पास राजस्थान और उड़ीसा के हैं। घायलों के साथ एक व्यक्ति को केयरटेकर के रूप में जाने की रेलवे ने इजाजत दी है। सभी पास सेकेंड क्लास बोगी में सफर करने के दिए गए हैं।