जल निगम में पाइप पेयजल योजना के पांच करोड़ 85 लाख रुपये खाते से गायब हो गए हैं। खाते से पैसा गायब होने की शिकायत शासन में होने पर जिले के आला अफसरों में हड़कंप मच गया है। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने डीडीओ मोतीलाल व्यास के नेतृत्व में चार एकाउंटेंट्स की एक टीम गठित की है। टीम ने जल निगम का समस्त रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया है। पैसा कहां गया इसकी खोजबीन की जा रही है।
जल निगम में पाइप पेयजल योजना का पैसा अलग खर्च होता है। इसका खाता भी अलग है। शासन इस पैसे पर सीधे अपनी नजर रखता है। जनपद में इस समय पाइप पेयजल योजना की 28 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में 67 से लेकर 90 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। योजनाओं को पूरा करने के लिए जल निगम ने हाल ही में 60 करोड़ की डिमांड की थी। शासन को यह भी अवगत कराया गया कि विभाग के पास इस समय 12 करोड़ 66 लाख रुपये इस योजना में बकाया हैं।
विभाग के खर्च के अनुसार खाते में 18 करोड़ 51 लाख रुपये होने चाहिए थे। शासन ने जवाब-तलब किया तो मामला गहराता चला गया। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने एक्सईएन जल निगम वाईके शर्मा से जवाब-तलब किया तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। तमाम खोजबीन के बावजूद पांच करोड़ 85 लाख की रकम का कोई हिसाब नहीं मिला है। खाते से सरकारी रकम के गायब होने पर जिले के आला अफसरों में भी हड़कंप मच गया है।
सीडीओ अंकित अग्रवाल ने डीडीओ मोतीलाल व्यास की देखरेख में चार सीनियर एकाउंटेंट्स की एक कमेटी बनाई है। टीम ने जल निगम कार्यालय पहुंचकर सारा डाटा अपने कब्जे में ले लिया है। पैसा किस मद में निकाला गया और किसे दिया गया, इस सबकी बारीकी से छानबीन की जा रही है। टीम में डीडीओ कार्यालय के लेखाकार दिनेश अग्रवाल, जिला पंचायत के लेखाकार अरविंद, भूमि संरक्षण विभाग के लेखाकार वीरेंद्र शर्मा, डीआईओएस कार्यालय के लेखाकार प्रमोद को शामिाल किया गया है। यह टीम दो दिन में रिकार्ड की जांच करने के बाद डीडीओ को अपनी रिपोर्ट देगी।
क्या हुआ, कैसे हुआ, मुझे नहीं पता: शर्मा
मुजफ्फरनगर। जल निगम के एक्सईएन वाईके शर्मा का कहना है कि पैसा वास्तव में गायब है। सीडीओ के आदेश के बाद रिकार्ड चेक किया जा रहा है। मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। मेरे समय में तो अप्रैल से अब तक पैसा ही नहीं आया है। क्या हुआ और कैसे हुआ, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता हूं।
शासन को जल्द भेजी जाएगी रिपोर्ट: व्यास
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल स्वच्छता मिशन के सचिव डीडीओ मोतीलाल व्यास ने बताया कि जिले में पाइप पेयजल की 28 योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें 67 से 90 प्रतिशत तक काम हो चुका है। थोड़े खर्च से ये योजनाएं पूरी हो जाएंगी। शासन से पैसा मांगे जाने के बाद यह सामने आया कि पांच करोड़ 85 लाख रुपया योजना के खाते में नहीं है। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जल निगम का समस्त रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया है। पैसा कहां गया, इसकी जांच हो रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।