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वनपायर जेट फाईटर विमान का हुआ था नुकसान

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85 जवानों को छूकर निकल गई थी मौत
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बुढ़ाना/परासौली। गांव दुर्गनपुर खेड़ा के भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर ठाकुर रोहताश सिंह वर्ष 1965 व 1971 का युद्ध लड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1965 की लड़ाई में दार्जलिंग के पास बाग डोगरा में मौत उनके पास से होकर गुजरी थी। 85 जवानों सहित उन्होंने खाई में लेटकर दुश्मन पर वार किया था। इस लड़ाई में उनकी कंपनी का वनपायर जेट फाइटर विमान जल गया था।
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बुढ़ाना क्षेत्र के दुर्गनपुर खेड़ा गांव के भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर ठाकुर रोहताश सिंह जून 1963 भारतीय वायु सेना में भर्ती हुए थे। वे जून 1978 में वारंट ऑफिसर के पद से रिटायर हुए। अमर उजाला के साथ वार्ता में उन्होंने बताया कि 7 सितंबर 1965 में वे 85 जवानों के साथ बाग डोगरा मे तैनात थे। अचानक उनकी बटालियन के ऊपर हवाई अटैक हुआ। इस हवाई अटैक में आनन फानन में सभी जवानों ने खाई में लेटकर उस अटैक का जवाब दिया था। इस हवाई अटैक में मौत उनके व जवानों के पास से होकर गुजर गई थी। अचानक हुए अटैक के कारण उनके जेट फाइटर वनपायर में ब्रस्ट लगने के कारण वह जल गया था। किसी भी जवान को खरोच नहीं आई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1971 में उन्होंने अपनी बटालियन के साथ तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान पर हमला किया था। इस हमले में भारत की तीनों सेनाएं शामिल थी। इस युद्ध में भारत ने दुश्मन को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया था। पूर्वी पाकिस्तान आज बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने हर बार मुंह की खाई हैै। भारत के दबाव में पाक विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने पर मजबूर हुआ। भारतीय वायुसेना ने सर्जिकल स्ट्राइक से पाक में आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर अच्छी कार्रवाई की है। पूर्व सैनिक रोहताश सिंह वर्तमान में गांव में एक कान्वेंट स्कूल चलाकर क्षेत्र के बच्चों को संस्कारित शिक्षा दे रहे हैं।
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