ठाकुरों ने रालोद नेताओं को रास्ते में रोका
रतनपुरी/खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव भूपखेड़ी में जातीय संघर्ष के तीसरे दिन तनावपूर्ण शांति रही। शनिवार को रालोद नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। रालोद नेता दलित समाज के लोगों से मिले और उनसे घटनाक्रम की जानकारी ली। रालोद नेताओं ने दलित समाज के लोगों को सहयोग करने का आश्वासन दिया। ठाकुर समाज के लोगों ने रालोद नेताओं को रोककर कहा कि वे सिर्फ एकपक्षीय बातचीत कर रहे हैं। इस पर रालोद नेताओं ने ठाकुर समाज के लोगों से भी बातचीत की और आपस में एकसाथ मिलकर रहने की अपील की। एहतियातन गांव में भारी पुलिस और पीएसी तैनात है।
गांव में बृहस्पतिवार को जातीय संघर्ष हो गया था। हमले में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज कर ठाकुर समाज के नामजद चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अभी तक दलित पक्ष की ओर से नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। रालोद नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। रालोद नेताओं ने दलितों की पीड़ा सुनी। इस दौरान दलित समाज के लोगों ने एक दरोगा पर उनके साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया, जिसको लेकर पश्चिमी यूपी प्रवक्ता अभिषेक चौधरी की इंस्पेक्टर से नोकझोंक हो गई। अभिषेक ने दरोगा को गांव से हटाने की मांग की। दलितों से मिलकर लौट रहे रालोद नेताओं को रास्ते में ठाकुर समाज के लोगों ने रोक लिया। रालोद नेताओं ने उनका भी पक्ष सुना। इस दौरान रालोद के राष्ट्रीय महासचिव मुंशी रामपाल, युवा रालोद के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रोहित प्रताप जाटव, पश्चिम उत्तर प्रदेश के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेंद्र खजूरी, पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, जिलाध्यक्ष अजीत राठी, धर्मेंद्र तोमर, पंकज राठी, बबलू शर्मा, हर्ष राठी, सुमित कुमार, आशु अहलावत, अनिल कुमार, बिजेंद्र, मास्टर इकबाल सिंह आर्य आदि कार्यकर्ता शामिल रहे। गांव में फिलहाल शांति है। एहतियातन पुलिस व पीएसी बल तैनात है।
एसएसपी का बयान सही नहीं: मुंशीराम
(फोटो समाचार)
अमर उजाला ब्यूरो
खतौली। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद मुंशीराम पाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि गांव भूपखेड़ी में हुई घटना की वजह चप्पल चुराने संबंधित एसएसपी का बयान सही नहीं है। जब सरकार का आईपीएस इस तरह का बयान देगा, उस सरकार की हालत क्या होगी। अगर इस तरह से आईएएस और आईपीएस काम करेंगे तो देश की जनता का हाल क्या होगा, उसे कैसे न्याय मिलेगा। घटना में दलित समाज अपनी बहू-बेटियों को आगे लाना नहीं चाहता है। वे बेटियों को बेइज्जत नहीं होने देना चाहते हैं। पुलिस ने दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज किए हैं। इस मामले में निर्दोषों को जेल नहीं भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर दलित समाज डरा हुआ है और खुद को असहाय महसूस कर रहा है। उनको सुरक्षा दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाबा डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर हमला करने वाले उनसे क्षमा मांगें। प्रशासन तुरंत प्रतिमा को बदले। अगर प्रशासन प्रतिमा को नहीं बदलता है तो रालोद कार्यकर्ता अपने खर्चे से बाबा साहब की प्रतिमा को लगवाएंगे। पश्चिम उत्तर प्रदेश के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेंद्र खजूरी ने कहा कि जातीय संघर्ष नहीं होने चाहिए। गांव भूपखेड़ी में जो घटना हुई है, रालोद इसकी घोर निंदा करता है। आश्रम में शरारती तत्वों ने अंदर घुसकर छेड़छाड़ की घटना की और अगले दिन योजनाबद्ध तरीके से दलितों पर हमला किया गया। इस घटना में पुलिस प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर काम किया है। सत्ता पक्ष के एक विधायक के दबाव में आकर आरोपी को पुलिस ने छोड़ दिया। रालोद सर्वसमाज की पार्टी है और सभी के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। युवा रालोद के पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रोहित प्रताप जाटव ने कहा कि भूपखेड़ी घटना में जो लोग दोषी हैं, पुलिस प्रशासन उनको शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजे। दलितों को न्याय मिलना चाहिए।
विधायक विक्रम सैनी भी ग्रामीणों से मिले
रतनपुरी। गांव भूपखेड़ी में भाजपा विधायक विक्रम सैनी दलित और ठाकुर समाज के लोगों से मिले। विधायक ने जातीय संघर्ष की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने दोनों पक्षों से गांव में मिलजुल कर साथ रहने पर बल दिया। मंसूरपुर मंडल अध्यक्ष कोमल सोम, पूर्व सभासद पंकज भटनागर, पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पीएसी के हेड कांस्टेबल की मौत
रतनपुरी। गांव भूपखेड़ी में जातीय संघर्ष के बाद पीएसी को तैनात किया गया। गांव में 23वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद के हेड कांस्टेबल 53 वर्षीय जिला संभल के थाना हयातनगर के गांव दतावली निवासी अतर सिंह पुत्र भगवान सिंह की शुक्रवार रात ड्यूटी के दौरान अचानक तबियत खराब हो गई थी। पुलिस ने रात में ही अतर सिंह को मेरठ मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन हॉस्पिटल पहुंचे और शव को अपने साथ घर ले गए।