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Muzaffarnagar News: 33.33 लाख की ठगी में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

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मुजफ्फरनगर। सेवानिवृत इंजिनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 33.33 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। सुनवाई के बाद अपर सिविल जज जूनियर डिविजन कोर्ट संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी अमित कुमार यादव ने अपराध गैर जमानतीय और गंभीर प्रकृति का होने के कारण आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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पिछले महीने 11 सितंबर को साउथ सिविल लाइन निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर आरके गोयल ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा कायम कराया था। 12 अक्तूबर को पुलिस ने ठगी के सरगना भिलाई छत्तीसगढ़ निवासी सरगना राजू के साथ थाना डल्ली रजहारा जिला बालोड़ (छत्तीसगढ़) निवासी अमन सिन्हा और अमृतसर निवासी संदीप सिंह उर्फ सन्नी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों के कब्जे से तीन बैंक खातों से 24 करोड़ रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया था। इनकी 16 शिकायतें दर्ज हैं। यह गिरोह खातों से रुपये निकालकर अपना हिस्सा रख लेते थे और बाकी रकम साइबर ठगों को भेजते थे। बचाव पक्ष की ओर से अमन सिन्हा की जमानत अर्जी दाखिल की गई।
इस केस में छह आरोपी जा चुके जेल : सितंबर में साइबर ठगी के तीन सदस्यों को साइबर थाना टीम जेल भेज चुकी है। इनमें ऋषिकेश निवासी हर्ष, निखिल व दीपक को पकड़ा गया था। तीनों पिछले तीन सालों से मुख्य आरोपी राजू के साथ मिलकर इस धंधे में संलिप्त रहे है।
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साउथ सिविल लाइन निवासी पीड़ित आरके गोयल को 11 सितंबर को फोन पर खुद को ट्राई व ईडी का अधिकारी बताते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। दिल्ली के थाना दरियागंज में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का दावा किया। ठगी के लिए व्हाट्सएप कॉल करने वालों में दरियागंज थाने के कथित आईपीएस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी और जज के नाम से व्टाटसएप कॉल की गई। इस तरह नाटकीय अंदाज में वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए।ा
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