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दलित महिला की आत्म हत्या का मामला

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फुगाना में महिला का शव पहुंचते ही कोहराम मचा
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
दलित महिला का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। बच्चे मां के शव को देखकर फूट फूटकर रोने लगे। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
फुगाना थाने के एक गांव निवासी दलित महिला ने फुगाना पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव शुक्रवार को भट्ठे पर एक कमरे में मिला था। उसका पति एक गांव में ईंट भट्ठे पर परिवार सहित मजदूरी करता था। बृहस्पतिवार को दलित महिला अपने छोटे बेटे के साथ अपने गांव आ रही थी। रास्ते में उसके रिश्तेदार के बेटे प्रदीप और उसके साथी सुभाष ने उसे गन्ने के खेत में खींचकर दुराचार का प्रयास किया। आरोप है कि महिला का पति और बेटा घटना की तहरीर लेकर फुगाना थाने पहुंचा। आरोप है कि फुगाना पुलिस ने उन्हें धमकाते हुए हवालात में बंद कर दिया था। पति और बेटे को छुड़वाने के लिए महिला ने थाने में पहुंचकर पुलिस के सामने गिड़गिड़ाकर पति व बेटे को छोड़ने की विनती की। आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित दलित महिला से पति व बेटे को छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी। महिला ने अपने परिवार तथा फुगाना पुलिस के उत्पीड़न से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना की रिपोर्ट मृतका के भाई ने दर्ज करवाई थी। पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव गांव में आया तो परिवार में कोहराम मच गया। महिला के चारों बच्चे फूट फूटकर रोने लगे। गमगीन माहौल में महिला का अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपियों को जेल भेजा
बुढ़ाना। महिला की आत्महत्या के बाद हरकत में आई फुगाना पुलिस ने इस मामले में मृत महिला के रिश्तेदार प्रदीप और उसके साथी सुभाष को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के रवैये से आक्रोश पनपा
बुढ़ाना। फुगाना पुलिस के रवैये से परेशान दलित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भाजपा की योगी सरकार में पुलिस प्रशासन द्वारा दलित महिला पर हुए अत्याचार का मामला तूल पकड़ने लगा है। सरकार व प्रशासन से बेखौफ फुगाना पुलिस ने पुलिस वर्दी को दागदार कर दिया।
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भाजपा की सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्प लाइन, एंटी रोमियो स्क्वॉड आदि अभियान द्वारा बेटियों व महिलाओं की सुरक्षा का दावा कर रही है। इसके बावजूद सारी कार्रवाई केवल कागजों में चल रही है। दलित नेता निर्मल दास, सुभाषचंद आदि नेताओं ने बताया कि फुगाना पुलिस के इस रवैये को लेकर मानवाधिकार आयोग व महिला आयोग को पत्र भेजा है। दलित समाज के लोगों ने फुगाना थाने पर तैनात इंस्पेक्टर व सभी दरोगाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि थाने के इंस्पेक्टर के सामने महिला रोती गिड़गिड़ाती रही। उसकी एक नहीं सुनी गई। दलित समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी शिकायती पत्र भेजकर मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। दलित समाज के लोगों ने चेेतावनी दी है कि फुगाना थाने में तैनात महिला का उत्पीड़न करने वाले थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
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