जिला पंचायत सदस्यों के पतियों के अपमानजनक बोल से अफसर खफा
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में जिला पंचायत सदस्य के पति नितिन मलिक, संजय राठी और धीरज लाटियान के अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर उनकी सदस्य पत्नी को नोटिस जारी किए गए हैँ। दस दिन में अपर मुख्य अधिकारी ने नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है। सदस्य नहीं होने के बावजूद बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखने और अफसरों को धमकाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
चार दिन पूर्व जिला पंचायत बोर्ड बैठक में कुछ महिला सदस्य के साथ ही उनके पति भी पहुंच गए थे। इन्होंने न सिर्फ बोर्ड बैठक में भाग लिया, बल्कि सवाल भी उठाए। भाजपा नेता नितिन मलिक, रालोद नेता संजय राठी और भाकियू नेता धीरज लाटियान की पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। इन तीनों की पत्नी तो चुप बैठी रहीं, इन्होंने प्रस्ताव रखने के साथ ही अधिकारियों को भी जमकर हड़काया। बोर्ड बैठक में सदस्यों के पति के भाग लेने का मामला गरमा गया है। डीएम गौरीशंकर प्रियदर्शी ने मामले को गंभीर माना है। उन्होंने पूरे मामले नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल ने अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा से जवाब तलब किया है। सवाल किया गया है कि बोर्ड की बैठक में जिला पंचायत सदस्य के पति कैसे शामिल हुए। इस पर एएमए कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी हैं। सीडीओ ने एएमए को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा ने भाजपा नेता नितिन मलिक की पत्नी जिला पंचायत सदस्य अंजलि मलिक, संजय राठी की पत्नी जिला पंचायत सदस्य माया राठी और धीरज लाटियान की पत्नी अजेतो को नोटिस जारी किया है। यह भी पूछा गया है कि वह बैठक में किस हैसियत से शामिल हुए और अधिकारियों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार क्यों किया गया। दस दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में सदस्य के अलावा कोई ओर भाग नहीं ले सकता। जिला पंचायत सदस्य पति का बैठक में भाग लेने का कोई औचित्य नहीं है। एएमए को यह व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए थी।