व्यापारियों से पूछताछ करते आयकर अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग की लगातार छापेमारी और 1200 लोगों को नोटिस जारी करने के बाद भी जिले में अब तक केवल सात फर्मों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में तीन करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। विभाग इन सातों मामलों में सरकारी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। स्कीम 31 मार्च तक चलेगी। इसके बाद विभाग को घोषित आय से ज्यादा पैसा जमा कराने वालों पर पेनल्टी का अधिकार होगा।
नोटबंदी के दौरान घोषित आय से अधिक पैसा बैंकों में जमा करने वाले कानूनी दायरे में आ गए हैं। आयकर विभाग के पास ऐसे सभी लोगों केे नाम आ गए हैं। विभाग अब तक 1200 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। इसी के साथ छापेमारी की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। बैंकों में अधिक पैसा जमा करने वाले लोग 31 मार्च तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत अपना पैसा सरेंडर कर सकते हैं।
आयकर अधिकारी संजय जैन ने बताया कि जिले में अब तक सात फर्म तीन करोड़ से अधिक रकम सरेंडर कर चुकी हैं। पैसा सरेंडर करने के लिए कई फर्म तैयार हो रही हैं। 31 मार्च तक जिले में दस करोड़ से अधिक सरेंडर हो सकते हैं। अपर आयकर आयुक्त वाईपीबी सिंह ने एलपीजी एजेंसी संचालकों की बैठक ली। अधिक पैसा जमा कराने वालों से कहा कि वह कार्रवाई से बचने के लिए पैसे का सरेंडर कर दें और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ उठाएं।
अनुपम जैन ने दस लाख सरेंडर किए
मुजफ्फरनगर। खतौली में अनुपम जैन के यहां छापे के बाद आयकर अधिकारियों ने रिकार्ड का मिलान किया। कार्रवाई से बचने के लिए फर्म ने दस लाख रुपये सरेंडर कर दिए हैं। यह पैसा अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा होगा।