मुजफ्फरनगर। तितावी निवासी दो भाइयों की डीपीआरओ कार्यालय में नौकरी लगवाने के नाम पर जागाहेड़ी निवासी विक्रांत व उसके पिता कृष्णपाल ने 23 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि पिता-पुत्र ने पीड़ितों को मुजफ्फरनगर व हापुड़ डीपीआरओ कार्यालय से जारी फर्जी प्रस्ताव पत्र दिखाकर हस्ताक्षर भी कराएं।
पीड़ित अभिषेक सैनी ने तितावी थाने में एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कहा कि वह और उसका भाई सावन सैनी इंटर पास है। सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहे थे। जुलाई 2022 में उनके परिचित जागाहेड़ी निवासी आरोपी पिता-पुत्र ने आकर कहा कि वह उसकी (अभिषेक) की विकास भवन मुजफ्फरनगर के डीपीआरओ कार्यालय में संविदा पर स्थाई रूप से क्लर्क की नौकरी लगवा देंगे।
13 लाख रुपये खर्च होंगे। विश्वास कर विक्रांत को उसके कागजात दे दिए। जल्द नौकरी लगने के आश्वासन पर कुछ लोगों के सामने 10 लाख 13 हजार रुपये नकद दिए । बाकी के रुपये के रूप में आरोपी युवक को बजाज फाइनेंस से 96 हजार 643 रुपये का लोन कराकर पल्सर बाइक दी।
एक दिन आरोपी युवक के पिता ने घर आकर बताया कि विकास भवन हापुड़ में भी डीपीआरओ कार्यालय में एक क्लर्क की नौकरी है। उसकी बात हो गई है। वह उनके दूसरे बेटे सावन की भी नौकरी लगवा देगा।
विश्वास कर कागजात दे दिए। बाद में 4 लाख 29 हजार रुपये नकद व सावन के नाम से शामली की एसबीएफसी फाइनेंस लि. से 7 लाख 28. 474 रुपये का लोन कराकर आरोपी युवक को लोगों के सामने दिए।
कहा गया कि शीघ्र ही दोनों भाइयों का ज्वाइनिंग लेटर आ जाएंगे। कुछ दिन बाद ही आरोपी युवक ने घर आकर मुजफ्फरनगर व हापुड़ के डीपीआरओ कार्यालय के दो प्रस्ताव पत्र दिए। उन पर हस्ताक्षर कराकर कार्यालय में जमा करने के नाम पर वापस ले लिए। जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर आने की बात कही।
काफी समय तक काम जल्द होने का झांसा दिया जाता रहा। एक दिन आरोपी युवक ने आकर अधिकारी के नाम से एलईडी मांगी। अपने एक परिचित से वादी के भाई के नाम से बजाज फाइनेंस से लोन पर एलईडी लेकर चला गया।
इसके बाद भी झांसा दिया जाता रहा। प्रस्ताव पत्र के बारे में डीपीआरओ कार्यालय जाकर जानकारी की तो वह फर्जी बताया गया। मामला समझ में आने पर 29 नवंबर 2025 को एसएसपी से शिकायत की गई।