संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। शुकतीर्थ स्थित श्री रामानुज कोट तिलकधारी आश्रम में ब्रह्मलीन श्री जगन्नाथ रामानुजाचार्य की 22वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
आश्रम के प्रबंधक आचार्य विष्णु तिलकधारी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी श्री जगन्नाथ रामानुजाचार्य ने शुकतीर्थ में प्रथम बार वैष्णो संप्रदाय की स्थापना की थी। गो सेवा व गोवंश से अटूट प्रेम के कारण वह गायों के बीच गोशाला में ही रात्रि में विश्राम किया करते थे। उनके जीवन की विशेष बात यह है कि वह आश्रम के लिए मुज़फ्फरनगर से शुकतीर्थ तक पैदल चलकर सिर पर सामान लेकर आते थे।
मेरठ से आए स्वामी कनक प्रभानंद महाराज ने कहा कि हमें भी ब्रह्मलीन संत श्री जगन्नाथ रामानुजाचार्य के जीवन व उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। वहीं श्री लक्ष्मी नारायण के 42वें वार्षिक महोत्सव पर आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना की गई। विद्यार्थियों ने संस्कृत में मंत्रों का उच्चारण किया। अशोक बिंदल, अमित, सुदेश, अशोक, अमित राठी, आचार्य अजय कृष्ण मौजूद रहे।