कामयाबी से गदगद कोस्टिक, ग्रैंड स्लम जीतना लक्ष्य
मुजफ्फरनगर। आईटीएफ महिला टेनिस टूर्नामेंट की चैंपियन बनी सर्बिया नतालिजा कोस्टिक ने अब तक के करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट जीता है। कामयाबी से गदगद कोस्टिक ने कहा कि सर्विस क्लब के ग्रास कोर्ट पर उनकी सफलता यादगार क्षण है। विंबलडन जैसे ग्रैंड स्लम को जीतना उनका लक्ष्य है।
जूनियर टेनिस वर्ल्ड कप में भागीदारी कर चुकी सर्बिया की 24 साल की नतालिजा कोस्टिक को बचपन से ही टेनिस से दीक्षा मिली। उसके पिता डी. डायकोविक भी टेनिस के अच्छे खिलाड़ी हैं। दादा भी टेनिस खेलते थे। परिवार में टेनिस के माहौल की वजह से उन्हें भी नैसर्गिक रूप से यह खेल विरासत में मिला। अपने कोच निकोला सायवानोविक के साथ मुजफ्फरनगर आई नतालिजा कोस्टिक को टूर्नामेंट में पहले कोई खास पहचान नहीं मिली। जैसे-जैसे उन्हें जीत की राह पकड़ी, एकाएक वह खिताब की दावेदार दिखने लगी। सेमीफाइनल से पहले ही कोस्टिक ने स्पष्ट कर दिया था कि वह फाइनल में जीत के लिए खेलेंगी। टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहली रैंक की खिलाड़ी जापान की हिरोका क्वाटा के खिलाफ 6-1, 6-2 से मिली जीत भी उनकी बात को पुष्ट कर रही थी। वैसे भी ग्रास कोर्ट उनबश्ी पसंदीदा सतह है। स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा के खिलाफ कोस्टिक पूरे दमखम से कोर्ट पर लड़ती नजर आईं। फाइनल विजेता घोषित होने के बाद कोस्टिक ने कहा कि मुजफ्फरनगर हमेशा याद रहेगा। क्योंकि यह उनके करियर का पहला बड़ा खिताब है। सर्विस क्लब का ग्रास कोर्ट विश्वस्तरीय है। आयोजन की व्यवस्था भी शानदार रही। विंबलडन के ग्रास कोर्ट पर कामयाबी पाना उनका सपना है। फाइनल में टेरेजा को चोट लगना भावुक पल था। टेरेजा बड़ी खिलाड़ी है। जल्दी स्वस्थ हों और फिर उनके खिलाफ खेलने का मौका मिले।
चैंपियन जैसा खेली कोस्टिक : टेरेजा
मुजफ्फरनगर। सिंगल फाइनल में रिटायर हुई स्लोवाकिया की टेरेजा मिहालिकोवा दर्शकों की चहेती थी। कोर्ट पर आंखों से आंसू पोंछती टेरेजा को देखकर हर कोई भावुक हो गया। पुरस्कार समारोह में आई टेरेजा ने कहा कि नतालिजा कोस्टिक चैंपियन बनने के योग्य थी। दुर्भाग्य रहा कि पैर में तेज दर्द की वजह से वह अपना मैच पूरा नहीं कर पाईं। हालांकि उन्होंने अपना बेस्ट प्रदर्शन करने का पूरा प्रयास किया।