मां का दूध नवजात शिशु के लिए अमृत
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने कहा कि नवजात शिशु के लिए मॉ का दूध अमृत के समान है। विश्व स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मां के दूध को लेकर समाज में चली आ रही भ्रांतियों को दूर करना होगा।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय के रेडक्रास भवन में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमओ ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए अनमोल एवं प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है। बच्चे को यह पूर्ण पोषण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रसव के उपरांत एक घंटे के अंदर शिशु को स्तनपान अवश्य प्रारंभ करा देना चाहिए, क्योंकि प्रसव के उपरांत प्रथम तीन-चार दिनों तक मां के स्तनों से गाढ़ा, चिकना एवं पीला दूध निकलता है, जिसे कॉलस्ट्रोम कहते हैं, इसमें रोगों से लड़ने की अपूर्व प्रतिरोधी क्षमता होती है, जो शिशु को अनेक रोगों से बचाती है। इसलिए कॉलस्ट्रोम को नवजात शिशु के लिए प्रथम प्राकृतिक टीकाकरण भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि मां का दूध शिशुओं में दस्त, निमोनिया, खसरा, पोलियो, मस्तिष्क ज्वर, छोटी चेचक, त्वचा संक्रमण आदि से बचाकर शिशु मृत्यु दर को 22 प्रतिशत तक कम करता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2018 की थीम स्तनपान: जीवन की नींव रखी गई है। एसीएमओ डॉ एसके अग्रवाल, डॉ बीके ओझा ने बताया कि शिशु को छह माह की उम्र तक केवल और केवल मां का दूध ही देना चाहिए तथा शिशु को उसकी मांग पर 24 घंटे में आठ से 10 बार दो से तीन घंटे के अंदर स्तनपान कराना चाहिए। मीडिया कार्यशाला में एसीएमओ डॉ वीके सिंह, डॉ घनश्यामदास, डॉ गीतांजली वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक हरिप्रसाद, जिला कम्यूनिटी प्रोसेस प्रबंधक अनुज सक्सेना रहे।