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जूनागढ़ में आचार्य निर्मल सागर के सामने हंगामा भी हुआ

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जैन मुनि को दी गई कम सजा से जैन समाज में रोष
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। गुजरात के जूनागढ़ में गुरु आचार्य निर्मल सागर के दरबार में वीडियो वायरल प्रकरण में सजा सुनाए जाने से पूर्व जैन मुनि नयन सागर महाराज के पक्ष में कुछ संत बोल पड़े थे, जिसको लेकर जैन समाज के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। काफी देर तक आपस में तर्क वितर्क को लेकर हंगामा चला। आचार्य निर्मल सागर ने समझा बुझाकर मामला शांत किया था। जैन मुनि को दी गई कम सजा को लेकर जैन समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। मेरठ के श्रुत संवर्धन संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री हंस कुमार जैन ने त्वरित प्रतिक्रिया पत्र समाज के लोगों को जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि जैन समाज के प्रबुद्ध लोगों को हार नहीं माननी है। दोषियों का उनके अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लेना है।
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नगर निवासी पंकज जैन 21 जनवरी को गुजरात के जूनागढ़ के गुरु आचार्य निर्मल सागर के दरबार में गए थे। उनके साथ दिल्ली व एनसीआर से भी जैन समाज के लोग पहुंचे। पंकज जैन ने बताया कि आचार्य निर्मल सागर महाराज की ओर से सजा सुनाने से पूर्व वहां मौजूद कुछ संत नयन सागर महाराज के पक्ष में बोले, जिसको लेकर जैन समाज के लोगों के बीच काफी तर्क वितर्क होने लगा। इस पर हंगामा खड़ा हो गया। हंगामा होने पर आचार्य ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया था। सकल जैन समाज के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि गुरु आचार्य निर्मल सागर महाराज ने अपने शिष्य को कम सजा सुनाई है, जिसको लेकर जैन समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि मेरठ के श्रुत संवर्धन संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री हंस कुमार जैन ने वीडियो वायरल के प्रकरण में जो सजा नयन सागर महाराज को दी है, उसके संबंध में त्वरित प्रतिक्रिया पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आज इस व्यभिचारी को प्रायश्चित देनेे के नाम पर क्लीन चिट देने का स्वांग रचा गया है। उससे जैन समाज झांसे में आने वाला नहीं है। हंस कुमार जैन ने अपने प्रतिक्रिया पत्र में स्पष्ट लिख है कि जैन समाज के प्रबुद्ध लोगों को हार नहीं माननी है तथा इन दोषियों उनके अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेना है।
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