असहायों की सेवा प्रभु की सच्ची आराधना
मोरना। असहाय, बेसहारा और जरूरतमंद बुजुुर्गों के लिए शुक्रताल के बिहारगढ़ में स्थापित अपना घर आश्रम का लोकार्पण संत प्रवर विजय कौशल महाराज एवं भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने किया। संतों ने कहा कि अनाथ और असहाय की सेवा प्रभु की सच्ची आराधना है।
बिहारगढ़ में नवनिर्मित अपना घर आश्रम के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि संत प्रवर एवं प्रख्यात कथा वाचक विजय कौशल महाराज ने कहा कि जीवन को सार्थक करने के लिए धन और समय को सेवा कार्यों में लगाए। समय और धन के सदुपयोग से ही समाज, राष्ट्र और स्वयं का उत्थान होता है। शुकतीर्थ की पावन भूमि पर अपना घर आश्रम सेवा के उच्च मूल्यों को समर्पित रहेगा। भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि बेसहारों को सहारा देना परमात्मा की सच्ची सेवा है। मनुष्य को इस संसार में स्वयं के मोक्ष एवं जगत के कल्याण के उद्देश्य को जीना चाहिए। कामना करनी चाहिए कि संसार के सभी प्राणी सुखी हो, वही सच्ची मानवता है। असहाय, अनाथ दिव्यांगों की सेवा करना यज्ञ है। सेवा यज्ञ ही संसार का सबसे बड़ा परमार्थ है। जो व्यक्ति गरीब, दीन-दुखियों की अनदेखी कर अपने हितों के लिए जीते हैं, उनका जीवन सार्थक नहीं होता है। पीड़ितों की अनदेखी कर सुखों का भोग दरिद्रता के समान है। जो असहायों की अंधेरी राहों में दीप जलाता है, भगवान उसका जीवन प्रकाशित कर देते हैं। साक्षात्कार और परोपकार जीवन के दो उद्देश्य होने चाहिए। पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, शहर विधायक कपिल देव अग्रवाल, आयुर्वेद चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ सुभाषचंद शर्मा, शामली के पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल आदि ने भी विचार रखे। अपना घर आश्रम के संस्थापक डॉ वीएम भारद्वाज, डॉ मीनाक्षी भारद्वाज ने बताया कि देश में 46 धार्मिक तीर्थ स्थलों और शहरों में संस्था के अपना घर आश्रम संचालित है। मानसिक, नेत्रहीन आदि असहायों को आश्रम में आश्रय दिया जाएगा। चिकित्सा सेवा से उन्हें स्वस्थ जीवन देकर पुन: परिवारों से मिलाया जाएगा। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनपी सिंह, प्रदीप सिक्का, अमित गर्ग, नितिन गोयल, अतुल बंसल, मोहनलाल अग्रवाल, डॉ वीरपाल निर्वाल, डॉ एसपी भार्गव, अभिषेक चौधरी, कटार सिंह आदि मौजूद रहे।