आलम और नवाजिश ने हाथी की सवारी छोड़ी
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद अमीर आलम खान ने अपने पूर्व विधायक बेटे नवाजिश आलम खान के साथ बसपा को अलविदा कह दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को अपना त्याग पत्र भेज दिया है। आलम का कहना है कि उन्हें पार्टी से कोई शिकायत नहीं है। अपने घर के काम देखने के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं। फिलहाल किसी पार्टी में जाने का कोई इरादा नहीं है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए पूर्व विधायक नवाजिश आलम और उनके पिता पूर्व सांसद अमीर आलम खान ने बसपा को अलविदा कह दिया है। नवाजिश आलम ने मीरापुर विधानसभा सीट पर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। उनकी एंट्री बसपा में नसीमुद्दीन सिद्दीकी के माध्यम से हुई थी। नसीमुद्दीन के पार्टी से निकाले जाने के बाद से आलम फैमिली भी अलग-थलग पड़ गई थी। पार्टी में सांसद मुनकाद अली के पावर में आने से एकाएक उनके समधी कादिर राना का वजन बढ़ गया। इसके बाद से आलम परिवार ने नई राह की तलाश शुरू कर दी। हालांकि अमीर आलम का कहना है कि उन्हें बसपा से कोई तकलीफ नहीं है। चुनाव में बसपा के वोटरों ने नवाजिश को वोट दिया है। पारिवारिक कार्यों के कारण वह पार्टी छोड़ रहे हैं। अभी साल-दो साल उनका किसी पार्टी में जाने का इरादा नहीं है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को उन्होंने अपना त्यागपत्र भेज दिया है।