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UP: मासूम से दुष्कर्म के दोषी नौकर को 20 साल कैद, दहेज हत्या में दोषी पति को 12 साल का कारावास

Fri, 24 Nov 2023 05:17 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News : अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 12 साल कारावास की सजा सुनाई है।
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अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना क्षेत्र के एक गांव में आठ साल की मासूम को स्कूल से बहला-फुसलाकर लाने और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाले बिहार प्रदेश के नौकर को 20 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट-एक के पीठासीन अधिकारी रितिश सचदेवा ने फैसला सुनाया।

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विशेष लोक अभियोजक प्रदीप बालियान और विक्रांत राठी ने बताया कि बुढ़ाना क्षेत्र के गांव में 19 दिसंबर 2018 को पीड़िता स्कूल के मैदान में खेल रही थी। इसी दौरान किसान के यहां नौकरी कर रहा बिहार प्रदेश के थाना दरभंगा के गांव समस्तीपुर निवासी अनिल पुत्र सरोज पीड़िता को बहला-फुसलाकर एक मकान में ले गया। इस दौरान पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात अंजाम दी गई। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे पकड़ लिया। उन्होंने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट-एक में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट-एक ने दोष सिद्ध किया। दोषी अनिल को 20 साल कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

दहेज हत्या में दोषी पति को 12 साल का कारावास
मुजफ्फरनगर में अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता की जलाकर हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने 12 साल कारावास की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्यों के अभाव में सास को दोषमुक्त करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-दो की पीठासीन अधिकारी नेहा गर्ग ने फैसला सुनाया।

सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार जावला ने बताया कि खतौली थाना क्षेत्र के फहीमपुर खुर्द निवासी बंटी की शादी सात फरवरी 2012 को चरथावल थाना क्षेत्र के ज्ञाना माजरा गांव निवासी धीरज के साथ हुई थी। शादी के बाद से दंपती के बीच मनमुटाव चल रहा था। 20 सितंबर 2016 को ससुराल में बंटी संदिग्ध हालात में गंभीर रूप से झुलस गई। मायके पक्ष के लोगों ने मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर 29 सितंबर को बंटी की मौत हो गई थी।

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वहीं, मृतका के भाई रामभूल ने दहेज के लिए जलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पति धीरज और सास कमलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-दो में हुई। साक्ष्यों के अभाव में कमलेश को दोषमुक्त करार दिया गया, जबकि दोष सिद्ध होने पर धीरज को 12 साल का कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

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