संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। निजीकरण के विरोध में ऊर्जा निगम कर्मियों की ओर से किए जा रहे कार्य बहिष्कार और 29 मई से प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। आपूर्ति सुचारू रखने व किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मजिस्ट्रेट स्तर के 20 प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग बिजली घरों की जिम्मेदारी सौंपकर नोडल नामित किया गया है। सभी सप्लाई केन्द्रों पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। डीएम उमेश मिश्रा ने अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, वाटर वर्क्स, पंप कैनाल, राजकीय नलकूप एवं महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम की ओर से निर्देशित किया गया है कि जनपद में सब स्टेशन ब्रेकडाउन एवं मेंटिनेंस करने के लिए जहां भी रनिंग कांटेक्ट चल रहा है, उसमें जिले के ठेकेदारों से सेवा ली जा सकती है। ब्रेकडाउन लेते समय नामित अधिकारी सुरक्षा नियमों का संपूर्ण ध्यान रखेंगे। विद्युत कार्यशाला शामली रोड, विद्युत भंडार केंद्र सुजडू, कंट्रोल रूम, नगरीय क्षेत्र के विद्युत स्टेशनों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
n कंटिंजेंसी प्लान किया गया तैयार : ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि कर्मियों की हड़ताल और अन्य किसी भी व्यवधान से निपटने के लिए निगम की ओर से कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर लिया गया है।
किसी समस्या के समाधान के लिए एजेंसी और ठेकदारों की मदद ली जा सकती है।