संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा। गांव रुड़कली निवासी युवक को हिरासत में लेने के बाद उसे छुड़ाने को थाने पहुंचे भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने थाने पर धरना-प्रदर्शन किया। थाना प्रभारी निरीक्षक के समझाने के बाद धरना समाप्त हुआ।
मंगलवार सुबह थाना क्षेत्र के गांव रुड़कली निवासी सलमान के गन्ना कोल्हू में रखे ईंधन (खोई, गन्ने की पत्ती) में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान गांव में ही एक स्थान पर भांग की पत्तियां सुखाई जा रही थीं, उन्हें बोरों में भर कर रखा था। पुलिस वहां गांव के ही सैय्यद नाम के व्यक्ति से आग लगने व भांग के संबंध में जानकारी कर रही थी। इसी दौरान अपने आपको भाकियू अराजनैतिक का कार्यकर्ता बताने वाला गांव का ही रिहान पहुंच गया। वह पूछताछ करने का विरोध करने लगा।
इस पर पुलिस की उससे नोकझोंक हो गई। पुलिस रिहान व सैय्यद को थाने ले आई, तब भाकियू अराजनैतिक के जिला संरक्षक संजीव सहरावत व अंकित जावला कार्यकर्ताओं के साथ थाना पहुंंचे। दोनों युवकों को निर्दोष बताते हुए उन्हें छोड़ने की बात करने लगे।
किसान यूनियन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि थाने में मौजूद एक सिपाही ने उनसे दुर्व्यवहार किया। इसके बाद दोनों युवकों को छोड़ने व सिपाही के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। पुलिस ने हिरासत में लिए दोनों युवकों का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया।
इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। घंटों बाद थाना प्रभारी निरीक्षक ने भाकियू कार्यकर्ताओं व सिपाही के बीच बैठाकर सुलहनामा कराया। तब मामला शांत हुआ। अध्यक्षता युधिष्ठिर सिंह ने और संचालन धीरज त्यागी ने किया। धरने में समाज सेवी मनीष चौधरी, प्रदीप नागर, विपिन त्यागी, शहज़ाद, बीरसिंह मास्टर,चन्द्रवीर, रियाज, प्रदीप नागर आदि सहित सैकड़ों कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे। उधर, थापे पहुंचे रुड़कली के नसीम अहमद, नज़ाकत अली, सलमान, दीन मोहम्मद, शानू, समी अब्दुल्ला, दिलशाद आदि ने रिहान पर ग्रामीणों की झूठी शिकायतें कर अनावश्यक परेशान करने, रोब गालिब करने, महिला से मारपीट करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।