कलक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
पहले चरण में होने वाले मतदान को लेकर आयोग और प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है। कागजों के साथ चुनाव में काम आने वाली प्रत्येक वस्तु की नाप-तौल हो रही है। लोकतंत्र में वोटर जितना महत्व रखता है, उसके साथ ही अमिट स्याही भी इसकी गवाह बनती है। आयोग ने जनपद में पोलिंग बूथों पर कर्मचारियों को दी जानी वाली अमिट स्याही भेज दी है। जिले में करीब दो हजार शीशी अमिट स्याही की भेजी गई हैं।
प्रदेश की 73 विधानसभा सीटों के लिए पंद्रह जनपदों में पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने लगातार दिशा-निर्देश भेज रहा है, क्योंकि पहले चरण के मतदान में व्यवस्था पूर्ण होने का लाभ अन्य चरणों में भी मिलता है। क्या-क्या कमी पहले चरण में रही, इसको लेकर अन्य चरणों में तैयारियों करने में मद्द होती है। कर्मचारियों की ड्यूटी से लेकर कागजों की कार्रवाई प्रशासन पूरी करने में जुटा है। चुनाव के लिए जरूरी चीजों की डिमांड आयोग को भेजी जा रही है।
जिसकी पूर्ति के लिए आयोग तत्काल एक्शन ले रहा है। जनपद की छह विधानसभाओं में चुनाव के लिए 1819 बूथ बनाए गए हैं। जिन पर सामग्री सप्लाई के लिए 787 पोलिंग सेंटर बने हैं। आयोग ने चुनाव के लिए जनपद में अमिट स्याही की खेप भेेज दी है। यहां पर 1819 बूथों के लिए 2 हजार शीशी अमिट स्याही की भेजी गई है। अमिट स्याही लोकतंत्र में आहुति की गवाह होती है। जो वोटर की उंगली पर लगाई जाती है। अमिट स्याही का निशान उंगली पर करीब 15 दिनों तक रहता है।