सचिन तेंदुलकर के कोच आए थे शहर
मुजफ्फरनगर। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर की यादें जिले से भी जुड़ी है । एमसीए के सचिव मनोज पुंडीर के आग्रह पर वर्ष 2004 में वह एक बार शहर में आए थे। क्रिकेट के प्रशिक्षुओं को आचरेकर ने पिच पर आगे खेलने की टिप्स दी थी।
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली, प्रवीण आमरे के गुरु रमाकांत आचरेकर के निधन पर क्रिकेट प्रेमियों ने शोक व्यक्त किया। मई, 2004 में प्रख्यात प्रशिक्षक से जिले के क्रिकेटरों को रू-ब-रू होने का मौका मिला था। मुजफ्फरनगर क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के सचिव मनोज पुंडीर के निमंत्रण पर वह शहर में आए थे। हरियाणा के दिवंगत रणजी ट्राफी स्पिन गेंदबाज राजेंद्र गोयल के भाई अशोक गोयल की दिल्ली के रोहिणी में क्रिकेट अकादमी थी। उन्हीं के साथ देहरादून से लौटते हुए रमाकांत आचरेकर नगर में रुके। पुंडीर बताते हैं कि उन्होंने युवा क्रिकेट खिलाड़ियों बल्लेबाजी के गुर साझा किए थे। सचिन को दुनिया का महान बल्लेबाज बनाने को क्या मूलमंत्र दिया है ? पद्मश्री रमाकांत हंसे, बोले सचिन को कोचिंग के दौरान बस यही कहता था कि आगे खेलो यानि पिच पर फ्रंट फुट पर बैटिंग करें। एमसीए अध्यक्ष भूपेंद्र यादव, कुशलपाल सिंह की स्मृतियों में आचरेकर से हुई मुलाकात बसी है। संजय शर्मा, इंद्र माथुर कहते हैं कि उन्होंने देश को महान क्रिकेटर दिए। उनके जीवन मे सादगी थी। वो क्रिकेट के द्रोणाचार्य थे। क्रिकेटर विकास राठी ने बताया कि उनसे एक घंटे की भेंट में नए बल्लेबाजों को बहुत कुछ सीखने को मिला। उनकी यादें सदैव दिल में बसी रहेगी।