दलित आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का मामला
मुजफ्फरनगर। तीन माह पहले दलित आंदोलन के दौरान हुई आगजनी-हिंसा के मामले में पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम समेत 41 आरोपियों के खिलाफ मामला सेशन सुपुर्द कर दिया गया है। इनमें से 14 आरोपी अभी जेल में बंद हैं, जबकि बाकी 27 की जमानत हो चुकी है।
दो अप्रैल को दलित आंदोलन के दौरान शहर में हिंसा भड़की थी। गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई थी तथा चार घायल हो गए थे। पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ शहर के तीनों थानों में 42 मुकदमे दर्ज किए थे। इंस्पेक्टर नई मंडी हरशरण शर्मा की ओर से मुख्य मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल गौतम, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष उपकार बावरा, शहीद उद्यम सिंह सेना के जिलाध्यक्ष विकास मेडियन आदि को नामजद किया था। सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। मंगलवार को उक्त आरोपियों समेत 41 आरोपियों के विरुद्ध मामला सेशन के सुपुर्द कर दिया गया। इस मामले में मंगलवार को उपकार बावरा, विकास मेडियन समेत 14 आरोपी एसीजेएम प्रथम शैलेंद्र सिंह की कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उक्त सभी समेत 41 आरोपियों का मामला सेशन सुपुर्द करते हुए 16 अगस्त को सेशन कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।