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एससी-एसटी एक्ट में बदलाव से उपजा आक्रोश

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दलित समाज आंदोलन की राह पर
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मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में बदलाव करने को लेकर दलित समाज में आक्रोश उभर आया है। दलित संगठनों ने इसके विरोध में आंदोलन कर भारत बंद की रूपरेखा बनाई है। जनपद में भी करीब आठ संगठनों ने इसका समर्थन कर रविवार को जगह-जगह बैठक कर मंथन किया है। वक्ताओं ने इस फैसले को बदले जाने की मांग की है।
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रविवार को दलित समाज के लोगों ने जगह-जगह बैठक कर एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव को लेकर विरोध जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। साथ ही इसमें जमानत का प्रावधान जोड़ा गया है। इसको लेकर समाज में आक्रोश फैल गया है। यह निर्णय दलितों का अधिक उत्पीड़ऩ करने वाला करार दिया गया है। इसके विरोध में दलित समाज के संगठनों ने विरोध में भारत बंद का एलान किया है। सोमवार को भारत बंद के आह्वान पर जनपद में भी भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज, जय सिंधु संघ, शहीद उधम सिंह सेना, दलित-मुस्लिम सेना, समता सैनिक दल, बहुजन सशक्तिकरण संघ, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, भारतीय बौद्ध महासभा ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान बौद्धाचार्य अमित गौतम, अरविंद कुमार, सौरभ तेजियान, जी सिंह, मुकेश कुमार, राजेश पप्पू, अशोक, विकास, उपकार आदि मौजूद रहे। उधर, अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ ने भी विरोध जताते हुए समर्थन दिया है। इसको लेकर बसंत विहार में मीटिंग की गई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने मजबूूती के साथ आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
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