कैबिनेट मंत्री के सामने गर्माया नोटिस प्रकरण
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत बोर्ड बैठक में पत्नी के साथ शामिल होने वाले जिला पंचायत सदस्यों को नोटिस जारी करने का मामला प्रभारी मंत्री महाना तक पहुंच गया। महाना ने सीडीओ से कारण पूछा तो उनके सफाई देने से पहले ही सांसद डॉ संजीव बालियान भड़क गए। उनकी सीडीओ से काफी गर्मागर्मी हुई। महाना ने भी कार्यकर्ताओं का सम्मान रखे जाने की बात कही।
गैरकानूनी तरीके से जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शामिल होने वाले सदस्य पति सिस्टम पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। प्रभारी मंत्री सतीश महाना से मामले की शिकायत की गई। सांसद डॉ संजीव बालियान की सीडीओ से काफी गरमागरमी हुई। बालियान का कहना था कि अधिकारी गांवों के विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मान बना रहना चाहिए। इस मामले में प्रभारी मंत्री ने प्रशासन का पक्ष जानने की जरूरत भी नहीं समझी।
भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ में प्रभारी डीएम अंकित अग्रवाल कोई जवाब भी नहीं दे पाए। सदस्य पति नितिन मलिक, संजय राठी, धीरज लाटियान, सदस्य राजीव प्रताप सैनी आदि मौजूद रहे। ज्ञात रहे कि बोर्ड बैठक में कुछ सदस्य पति भी पहुंच गए थे। प्रस्ताव रखने के साथ ही अधिकारियों को धमकी तक दे डाली थी। खास बात यह रही कि बोर्ड बैठक में मौजूद रहने वाली अपर मुख्य अधिकारी नूतन शर्मा भी पूरे मामले पर खामोश रहीं। हालांकि बाद में उन्होंने तीनों सदस्यों को नोटिस जारी किया था।