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महिला के हत्यारे को उम्र कैद

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मुजफ्फरनगर। अदालत ने महिला की हत्या के मामले में एक गुनहगार को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। ट्रायल के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई थी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलासपुर निवासी रामवीर दूरसंचार विभाग में कर्मचारी था, जिसकी तैनाती हरियाणा के शहर जगाधरी में थी। इसी दौरान उसके जगाधरी की कमलेश के साथ अनैतिक संबंध हो गए। रामवीर उसकी बेटी पर भी बुरी निगाह रखने लगा था। साथ ही वह कमलेश पर बेटी की शादी उससे कराने का जोर देने लगा था। इसका कमलेश ने विरोध किया था। इससे रामवीर उससे रंजिश रखने लगा। 19 जुलाई 2014 को रामवीर ने कमलेश को बहाने से मुजफ्फरनगर बुलाया और अपने साथियों के साथ मिल कर उसकी गला घोंट कर हत्या करके शव को बिलासपुर के जंगल में फेंक दिया। 20 जुलाई की सुबह ग्रामीणों को जंगल में महिला का शव पड़ा मिला था। नई मंडी पुलिस ने गांव के चौकीदार सलीम की ओर से अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। उधर, कमलेश के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश करते हुए मुजफ्फरनगर पहुंचे। नई मंडी कोतवाली पर बिलासपुर के जंगल में मिली महिला की लाश की शनाख्त कमलेश के रुप में की। नई मंडी पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए रामवीर और उसके तीन साथियों अर्जुन, अनुज और सतीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे अरुण कुमार पाठक की गैंगस्टर कोर्ट संख्या-5 में हुई। एडीजीसी सुभाष चंद सैनी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अर्जुन को कमलेश की हत्या का दोषी करार देते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास और 30 हजार रुपया जुर्माना, धारा 201 में पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में अनुज को बरी कर दिया। एडीजीसी ने बताया कि मुकदमे के ट्रायल के दौरान मुख्य हत्यारोपी रामवीर और सतीश की मौत हो गई थी।
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