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आय-जाति प्रमाण पत्र को भटक रहे 25 हजार विद्यार्थी

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मुजफ्फरनगर। जिले में लेखपालों की हड़ताल होने से आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों की संख्या 25 हजार से ऊपर पहुंच गई है। अकेले सदर तहसील में यह संख्या दस हजार के लगभग है। कॉलेजों में एडमिशन और सरकारी नौकरी में ज्वाइनिंग में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। प्रमाणपत्र नहीं बनने से अभ्यर्थी परेशान हैं।
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इस समय इंटर से लेकर डिग्री कॉलेजों तक में एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आदि देने के लिए शुरू में ही प्रक्रिया पूरी कराई जाती है, इसके लिए उनसे जाति और आय प्रमाण पत्र एडमिशन के साथ ही ले लिया जाता है। आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन हो रहा है। आवेदन के बाद प्रक्रिया के अंतर्गत लेखपाल आदि की रिपोर्ट के बाद प्रमाण पत्र जारी होते हैं। तीन जुलाई से लेखपालों की कलमबंद हड़ताल होने से पूरी प्रक्रिया बाधित हो रही है। ऑन लाइन आवेदन की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिन निस्तारण नहीं हो पा रहा है। जिले की चारों तहसीलों में इस समय 25 हजार से अधिक आवेदन लटके पड़े हैं। छात्र-छात्रा परेशान है कि वह करें तो क्या करें। कॉलेजों ने एक रास्ता निकालते हुए सभी विद्यार्थियों से शपथ पत्र लिया है कि वह अपने प्रमाण पत्र निश्चित तिथि में उपलब्ध करा देंगे। नौकरी पर जाने वाले सबसे ज्यादा परेशान है। कुछ लोगों की ज्वाइनिंग लटकी हुई है।
छह माह से अधिक का प्रमाण पत्र मान्य नहीं होने से अधिक परेशानी खड़ी हुई है। तहसील सदर में ही ले तो यहां आय प्रमाण पत्र के लिए 5369 के आवेदन लटके हैं। जाति के लिए 2502 निस्तारण की इंतजार में है। मूल निवास के लिए 2338 लोग लाईन में हैं। इसी तरह जानसठ, खतौली और बुढाना तहसील में लगभग 15 हजार आवेदन लटके हैं। छात्रा तनिषा ने बताया कि उन्हें कॉलेज में एडमिशन के लिए बिना जाति प्रमाण पत्र के परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्र अक्षय कुमार का कहना है कि उसे काउंसिलिंग के जाति प्रमाण पत्र चाहिए था, समय से नहीं मिलने पर परेशानी हो रही है। तहसीलदार सदर रंजीत सिंह का कहना है कि बिना लेखपाल की रिपोर्ट के प्रमाण पत्र नहीं बनता है, इसलिए सभी प्रक्रियाएं बीच में लटकी है।
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राजस्व निरीक्षक को लगाया
खतौली। लेखपाल संघ की लगातार चल रही हड़ताल से छात्र छात्राओं को स्कूलों में एडमिशन लेने को आय व जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों में धक्के खाने पड़ रहे हैं। प्रमाण पत्रों के समय पर नहीं बनने से छात्र छात्राओं के कालेजों में एडमिशन नहीं हो पा रहे हैं। किसानों को भी हिस्सा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशानी हो रही हैं। तहसीलदार अमित कुमार ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल होने से तहसील में उनसे संबंधित कार्यो को कराने के लिए चार राजस्व निरीक्षक लगा दिए गए हैं।

एसडीएम ने वैकल्पिक व्यवस्था की
बुढ़ाना। लेखपालों की हड़ताल के कारण आय, जाति, मूल निवास आदि कोई भी प्रमाण पत्र जारी नही हो रहा है। सभी कक्षाओं तथा विभिन्न प्रकार के कोर्स में दाखिले आरंभ हो चुके हैं। प्रमाण पत्र न मिलने के कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रा आयुषी, रिना, रेखा आदि का कहना है कि आय व जाति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण प्रोफेशनल कोर्स में उनका दाखिला नहीं हो पा रहा है। राहुल, नितिन, हिमांशु आदि ने भी दाखले में प्रमाण पत्र प्राप्त न हो पाने का रोना रोया। एसडीएम कुमार भूपेंद्र ने बताया कि उन्होंने तहसील में प्रमाण पत्र जारी करने हेतु चार कानूनगो को आईडी प्रदान की है। अब सभी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

एसडीएम के छुट्टी पर होने से सदर में कार्रवाई नहीं
मुजफ्फरनगर। एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र के शनिवार तक अवकाश पर होने के कारण सदर तहसील के किसी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है। उप जिलाधिकारी लेखपाल का नियुक्ति प्राधिकारी होता है, इसलिए उसके खिलाफ सेवा समाप्त या निलंबन की कार्रवाई का अधिकार भी उसे ही है। जिले की तीनों तहसील बुढाना, खतौली और जानसठ में एसडीएम अब तक 39 लेखपालों की सेवा समाप्त करने और 32 को निलंबित करने का नोटिस जारी कर चुके हैं। उन लेखपालों की सेवा समाप्त करने की बात कही गई है, जिनकी नई नियुक्ति है और अभी अस्थायी रुप से नौकरी कर रहे हैं। एडीएम हरीशचंद्र ने बताया कि एसडीएम के आने के बाद सोमवार को सदर तहसील के लेखपालों पर कार्रवाई होगी।

कार्रवाई के बाद भी धरने पर डटे रहे लेखपाल
फोटो...
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर चल रहा धरना शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट में जारी रहा। लेखपालों ने कहा कि वह कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। सरकार उन पर कार्रवाई कर दबाव बना रही है।
कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को लेखपालों का धरना निरंतर जारी रहा। लेखपालों ने जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद ऐलान किया कि वह प्रशासन की उत्पीडऩ की कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जब तक मांगे नहीं मानी जाती आंदोलन जारी रहेगा। लेखपाल संघ के नेता तेजवीर सिंह ने कहा कि लेखपाल अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है, सरकार आवाज का दबाना चाहती है। अब लेखपाल लड़ाई में पीछे हटने वाले नहीं हैं। अध्यक्षता फिरोज और संचालन भूपेंद्र चौधरी ने किया। अनिल वर्मा, सतेंद्र, अनिल चौधरी आदि ने विचार रखे।
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