फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर तरफ बिखरे हैं तबाही के निशानात

विज्ञापन
विज्ञापन
दीवारों पर चिपके लोथड़े व विस्फोट के निशान बयां कर रहे तबाही का मंजर
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। गांव सरवट में तबाही के मंजर साफ नजर आए। ऊपर छत के साथ ही आसपास व सामने की दीवारों पर चिपके इंसानी बाल व मांस के लोथड़े, दुकान के आगे का टूटा पड़ा फर्श व नाले के सीमेंटेड सेल्फ सोमवार को वहां होने वाली तबाही का मंजर साफ-साफ बयां करते नजर आए। घटनास्थल को देखने के लिए मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा, जो तबाही देख ऊपर वाले से रहम की दुआ मांगते रहे।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का गांव सरवट, सोमवार सुबह 9.40 बजे नवाजिश के घर के बाहर बनी कबाड़ी की दुकान। कबाड़ी निसार ने दुकान के ठीक बाहर बैठकर हथौड़े से किसी भारी-भरकम वस्तु पर प्रहार किया और प्रहार होते ही भयंकर विस्फोट, जिसके बाद चारों ओर धुआं व धूल का गुबार। गुबार छंटने पर चारों ओर बिखरी पड़ी लाशें व सड़क पर इधर-उधर पड़े धमाके की चपेट में आने वाले लहूलुहान राहगीर। कुछ ऐसा ही तबाही का मंजर था सोमवार सुबह सरवट मेन रोड पर। मंगलवार को तबाही के इस मंजर में कुछ बदला तो केवल इधर-उधर पड़े कराहते लोग व लाशें नदारद थीं। इनके अलावा, घटनास्थल पर पड़ा सूखकर काला पड़ चुका लाशों के जिस्मों से निकला खून, दुकान के बाहर छत पर चिपके पड़े कबाड़ी निसार के शरीर के लोथड़े व सिर के बाल, इसके ठीक सामने स्थित सड़क के दूसरी ओर कब्रिस्तान की दीवार पर जगह-जगह चिपके मांस के लोथड़े। सब कुछ वैसा ही था, जिसे देखने के लिए मंगलवार को भी शाम तक लोगों का जमावड़ा वहां लगा रहा। शहर क्षेत्र में अपनी तरह के इस पहले विस्फोट से मची तबाही देखने के लिए वहां पहुंचे लोग बर्बादी का मंजर देख केवल ऊपर वाले को याद कर रहम की भीख मांगने के साथ ही दुआ भी मांगते रहे कि भविष्य में इस तरह की घटना शहर में न हो। इसके साथ ही लोग भयंकर विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों के लिए जन्नत की दुआएं भी करते नजर आए। खासतौर पर विस्फोट में जान गंवाने वाले बेगुनाह राहगीर शहजाद आलम व वेल्डर ताजिम व अब उनके बेसहारा परिवार के लिए लोगों के हाथ दुआओं में उठते नजर आए। पूरे घटनाक्रम में लोग कबाड़ी निसार और उसके कथित साझीदार व मकान मालिक नवाजिश की संलिप्तता को लेकर व्यथित भी नजर आए। इसके साथ ही लोग घटना की भयावहता और तबाही का मंजर देख उसके नुकसान का आंकलन करते रहे। लोगों में इसके साथ ही सबसे अधिक उत्सुकता इस बात को लेकर रही कि आखिर इतनी तबाही मचाने वाला सामान था क्या। यह बात और है कि घटना के 36 घंटे बीतने के बावजूद अब तक पुलिस-प्रशासन भी इस विस्फोटक को चिह्नित कर पाने में पूरी तरह से विफल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या था विस्फोटक, जांचने आज आएगी आर्मी की टीम
मुजफ्फरनगर। सरवट में तबाही फैलाने वाला विस्फोटक आखिर क्या था और उसकी डेंसिटी कितनी थी? इसकी जांच करने के लिए आर्मी की टीम बुधवार को (आज) मुख्यालय पहुंच जाएगी। इसके बाद अफसरों से बात कर टीम घटनास्थल का दौरा करने के साथ ही दुकान से बरामद हुए चंद अवशेषों व लाशों से निकले मेटल की जांच कर इसका पता लगाने का प्रयास करेगी कि चार लोगों को मौत की नींद सुलाने वाला विस्फोटक’ आखिर कौन सा था और उसकी उपलब्धता क्या है? सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने आर्मी की टीम आने की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम पहले किसी मामले की जांच के लिए बाराबंकी गई हुई थी, जहां से रवाना होने के बाद बुधवार को टीम जनपद में पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें