शहर के केशवपुरी की दलित बस्ती में पेयजल में खून और मांस के लोथडे़ आने के बाद शुक्रवार को पालिका हरकत में दिखाई दी। पालिका कर्मियों ने कंपनी बाग स्थित पानी की सप्लाई करने वाले ओवरहैड टैंक की सफाई की। यह आशंका थी कि टैंक में कोई जानवर गिर गया हो, लेकिन सफाई में ऐसा कुछ सामने नहीं आया।
पानी में खून और गंदगी आने के बाद शुक्रवार को लोग पेयजल का प्रयोग करने से डरते रहे। केशवपुरी और आसपास के लोगों ने पेयजल के रुप में पालिका के टैंक और हैंडपंप के पानी का प्रयोग किया। आम जनता के मन से पानी को लेकर उठ रहे सवालों को दूर करने के लिए नगर पालिका ने कंपनी बाग स्थित पानी के टैंक की सफाई कराई। पालिका की टीम सुबह के समय कंपनी बाग पहुंची और टैंक को खाली किया। टैंक को खाली करने के बाद कर्मचारी उसके अंदर उतरे और सफाई की। लोगों के द्वारा यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि टैंक में कहीं बंदर आदि तो नहीं गिर गया। कर्मचारियों ने सफाई की तो उन्हें पानी में कोई जानवर या अन्य ऐसी कोई चीज नहीं मिली। टैंक पूरी तरह बंद और साफ मिला। पालिका ईओ विकास सेन का कहना है कि पानी बिल्कुल साफ आ रहा है। आम जनता की संतुष्टि के लिए टैंक को साफ कराया गया है। लोगों ने जो बताया है कि पानी गंदा आ रहा था और मांस के लोथडे़ जैसे उसमें आये। यह कैसे हुआ यह समझ से परे है। आम जनता में भी यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर पानी में खून और लोथडे़ कहां से आए।