संत रविदास का जन्मोत्सव मनाया
मोरना। शुक्रताल सती अनुसुईयां धाम में संत शिरोमणि सतगुरु रविदास जी का जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर 641 किलो का केक काटकर हजारों अनुयायियों के बीच वितरित किया गया। वहीं, दूरदराज से आए साधु, संत, महापुरुषों ने ब्रह्मलीन स्वामी जुम्मादास महाराज के समाज हित के कार्यों को याद कर उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर दर्शन किए। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के तत्वावधान में सती अनुसुईया धाम शुक्रताल में आयोजित कार्यक्रम में मेरठ से पहुंचे पूर्व सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान ने कहा कि भाव से मन में आस्था उत्पन्न होती है। समाज के लिए किए गए कार्य कभी निष्फल नहीं जाते। संतों के बीच सत्संग और उनका आशीर्वाद ही मानव जीवन की धारा प्रवाह को बदल देता है। हमें जाति-पात से ऊपर उठकर कभी किसी धर्म की बुराई नहीं करनी चाहिए। मानव जीवन एक बार मिलता है। महाराष्ट्र से आए विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष शुकदेव महाराज ने कहा कि गुरुओं के बताए मार्ग से जीवन के कष्ट अपने आप दूर होने लगते हैं। हमारे समाज में शिक्षा के प्रति गहरी संवेदनाओं को उजागर कर युवक और युवतियों को आगे लाना ही हमारे जीवन की प्राथमिकता होनी चाहिए। आज अपने आप को बदलना होगा। कुरीतियों का त्याग कर स्वच्छता के साथ मन को साफ करते हुए जीवन को सही दिशा में ले जाने से आने वाली नस्लों को साफ सुथरा माहौल मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन स्वामी सतीशानंद महाराज ने किया। इस मौके पर पूर्व सीएमओ हरियाणा रघुवीर सिंह, संत सुरेंद्रदास महाराज चंडीगढ़, रमेश दिल्ली, भंवर सिंह मेरठ, संजय रवि प्रमुख ने भी अपने विचार प्रकट किए। वहीं, पूर्व मंत्री ओमवती, रमेशो देवी, ऋषिपाल प्रधान, शहजाद प्रधान, विजयपाल प्रधान, सुमन देवी, शगुन, अनुराधा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिल्ली हरियाणा, पंजाब, राजस्थान महाराष्ट्र आदि के हजारो अनुयाईयों ने कार्यक्रम में भाग लिया।