वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर विबग्योर स्कूल में बच्चों ने स्मरण कर स्वतंत्रता संग्राम में उनके बलिदान को वीरता का प्रतीक बताया। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति कविता, गीत और प्रेरक प्रसंग सुनाए।
रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में शनिवार को रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर बच्चों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बुंदेलों के हरबोलों के मुंह से हमने सुनी कहानी थी, खूब लगी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, कविता पाठ किया गया। माही, नूपुर, विप्रा, कनक, अंशिका आदि ने गीत, कविता के माध्यम से आजादी की लड़ाई में वीर रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस, त्याग, देशभक्ति और बलिदान को अतुलनीय बताया।
उप प्रधानाचार्य अनुराधा शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अल्पायु में फिरंगी साम्राज्य से लड़ाई लड़ी थी। वाराणसी में 19 नवंबर, 1935 को जन्मी रानी लक्ष्मीबाई मल्लविधा, घुड़सवारी, शस्त्रविधा में निपुण थी। विद्यार्थी उनके महान जीवन से देशप्रेम की शिक्षा ले। आंचल, पल्लवी धीमान ने विचार रखे।