संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बिजली बिल राहत योजना के तहत पंजीकरण कराने के बावजूद 17.5 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने बकाया बिल जमा नहीं किया। इसके चलते माफ किया गया सरचार्ज उनके बिल में फिर से जुड़ने की आशंका पैदा हो गई है। ऐसे उपभोक्ताओं पर ऊर्जा निगम का 35 करोड़ से अधिक बकाया है।
ऊर्जा निगम की ओर से बिजली बिल राहत योजना 2025-26 एक दिसंबर से शुरू की गई थी। जिसके तहत घरेलू और एक किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी की घोषणा की गई थी।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता पर पंजीकरण शुल्क दो हजार रुपये रखा गया था। योजना के तहत पंजीकरण कराने के बावजूद हजारों उपभोक्ता बकाया बिल अदा नहीं कर पाए।
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता का कहना है कि जनपद के करीब 17.5 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने योजना के तहत पंजीकरण तो कराया लेकिन बकाया बिल की धनराशि अदा नहीं की।
उन्होंने बताया कि ऐसे उपभोक्ताओं पर निगम का 35 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक बकाया धनराशि अदा न करने वाले उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी का लाभ नहीं मिलेगा। उनके बिलों में सरचार्ज की धनराशि जोड़ दी जाएगी।